Sunday, March 15, 2026
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बिलासपुर: केंद्र की मोदी सरकार को किसान विरोधी बताते हुए कांग्रेस ने किया जन आंदोलन का शंखनाद, ब्लॉक और जिला मुख्यालय में कें होगा धरना-प्रदर्शन…

बिलासपुर। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केशरवानी ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी से प्राप्त निर्देशानुसार जिले के सभी ब्लॉक अध्यक्षगण की बैठक ली। बैठक का मुख्य एजेंडा केंद्र की मोदी सरकार की किसान विरोधी नीति व राज्य सरकार पर अधिक मूल्य पर धान न खरीदने को ले कर डाले जा रहे दबाव के विरुद्ध जन -आंदोलन के शंखनाद व मोदी सरकार के विरुद्ध किसानों को आगे आने की अपील की। विदित हो कि राज्य में विधानसभा चुनावों से पूर्व कांग्रेस के द्वारा किसानों से दो प्रमुख वायदे किये गए थे जिनमें पहला यह कि राज्य में कांग्रेस की सरकार आते ही राज्य में किसानों का ऋण माफ किया जाएगा तथा दूसरा धान का समर्थन मूल्य बढ़ा कर 2500 रुपये किये जायेंगे। तदानुसार कांग्रेस की सरकार आते ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा किसानों का कर्ज़ माफी की घोषणा की गई और 2500 रुपये के समर्थन मूल्य पर राज्य सरकार ने किसानों की धान की फसल ख़रीदी। वर्तमान में पुनः राज्य सरकार धान की ख़रीदी 2500 रुपये के समर्थन मूल्य पर करने जा रही है।

केंद्र सरकार प्रतिवर्ष राज्य से 24 मैट्रिक टन छत्तीसगढ़ राज्य से 1865 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर क्रय करती है। जिसे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 2500 रुपये के मूल्य पर क्रय करने का अनुरोध केंद्र सरकार से किया था। केंद्र सरकार ने उक्त प्रस्ताव पर विचार करना तो दूर अपितु यह पत्र भेज दिया कि यदि राज्य 2500 रुपये की दर से धान की खरीदी करता है तो केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ सरकार से क्रय किये जाने वाला धान ही नहीं खरीदेगी।

इस पर राज्य सरकार ने केंद्र को अवगत कराया कि यदि आप बढ़ा मूल्य नही देना चाहते तो राज्य सरकार अपने राजकोष से उक्त हिस्से की भरपाई करने तत्पर है अर्थात 1865 रुपये एवं 2500 रुपये के बीच का अंतर 635 रुपये प्रति क्विंटल राज्य सरकार वहन करने को तैयार है। किंतु केंद्र का किसानों के प्रति रुख स्पष्ट है वह किसानों की फसल का मूल्य 2500 देने के मामले में राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ है और छत्तीसगढ़ पूल के धान नहीं खरीदने के अपने फैसले पर अड़ी हुई है।

मोदी सरकार के इसी किसान विरोधी फैसले के विरुद्ध राज्य में कांग्रेस पार्टी प्रत्येक ब्लॉक में व जिला मुख्यालय में आंदोलन करने जा रही है। इस विषय मे जिला अध्यक्ष विजय केशरवानी ने सभी ब्लॉक अध्यक्ष की बैठक कर निर्देश दिया कि कल से जिले के हर बूथ, ज़ोन और सेक्टर में किसानों एवं शहरी क्षेत्र के व्यापारियों से सम्पर्क कर उनसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पत्र लिखवाया जाएगा कि छत्तीसगढ़ में किसानों के हित में राज्य सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले की वजह से ही बाज़ारों की रौनक बरकरार है तथा छत्तीसगढ़ मंदी की मार से बचा हुआ है। उक्त पत्र 10 नवंबर तक सभी ब्लॉक अध्यक्ष जिला अध्यक्ष को जमा करेंगे। इन पत्रों को 11 नवम्बर को जिलाध्यक्ष प्रदेश कांग्रेस को प्रेषित करेंगे।

जिले के हर ब्लॉक में केंद्र सरकार के विरुद्ध 8 नवंबर को धरना प्रदर्शन किया जाएगा और 11 नवम्बर को जिला मुख्यालय में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसके पश्चात 13 नवंबर को प्रदेश स्तर पर केंद्र का रायपुर में विरोध प्रदर्शन होगा तथा हर ब्लॉक से किसान व कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्यमंत्री के नेतृत्व में दिल्ली कूच करेंगे जहाँ 15 नवंबर को केंद्र की मोदी सरकार की किसान विरोधी नीति के विरुद्ध प्रदर्शन किया जाएगा।

बैठक में प्रदेश महामंत्री अटल श्रीवास्तव ने कहा कि पूरा देश इस समय आर्थिक मंदी की मार से गुज़र रहा है। बेरोजगारी अपनी चरम पर है। केंद्र सरकार ने पिछले 3 सालों में आर बी आई कि यह हालत कर दी है कि 90 के दशक के बाद पहली बार रिजर्व बैंक खुले बाजार में सोना गिरवी रखने की हालत में पहुँच गया है। केंद्र का आर्थिक कुप्रबंधन देश को आर्थिक आपातकाल की स्थिति में ले आया है।

बैठक में प्रदेश महामंत्री अटल श्रीवास्तव पूर्व विधायक दिलीप लहरिया, राजेन्द्र शुक्ला, ब्लॉक अध्यक्षगणों में मनोज गुप्ता, विनोद दिवाकर, आदित्य दीक्षित, प्रशांत श्रीवास, घनश्याम शिवहरे, झगर राम सूर्यवंशी, त्रिभुवन साहू, आनंद जायसवाल, राजेन्द्र धीवर, अमित यादव, संदीप शुक्ल, शंकर यादव व जिले के पदाधिकारियों में प्रभारी महामंत्री अनिल सिंह चौहान, प्रवक्ता मो. जस्सास, पप्पू साहू, अभिषेक सिंह राजा, जयकुमार यादव, बापी डे, शेख निज़ामुद्दीन आदि प्रमुख रूप से शामिल थे। उक्त जानकारी जिला प्रवक्ता मोहम्मद जस्सास ने दी।

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