Wednesday, March 4, 2026
Homeदेशअस्पताल के कर्मचारी का दावा, सुशांत के गले पर सुई जैसे 15-20...

अस्पताल के कर्मचारी का दावा, सुशांत के गले पर सुई जैसे 15-20 निशान और टेप चिपका हुआ था, यह हत्या है, आत्महत्या नहीं?

सुशांत सिंह राजपूत केस में रोजाना कई नए-नए खुलासे हो रहे है। इस बीच सुशांत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया। इसमें खुद को अस्पताल का कर्मचारी बताने वाला एक शख्स सुशांत के गले पर निशान और पैर टूटे होने का दावा किया है। इस वीडियो में खुद को अस्पताल का कर्मचारी बताने वाला व्यक्ति कह रहा है, हमको इतना ही मालूम था कि यह हत्या है। गले पर सुई जैसे 15-20 निशान थे। जैसे उन्हें सुइयां चुभोई गई हों। उनके गले पर टेप चिपका हुआ था। मैंने उन्हें एम्बुलेंस के अंदर ले गया था। श्मशान घाट तक ले गया था। उनकी टांग टूटी हुई थी।

कर्मचारी ने बताया कि रिया चक्रवर्ती जब आई थीं तो उनके साथ दो आदमी थे। एक लंबे बाल वाला आदमी था। उसने मुझसे पूछा था कि शव दिखा सकते हो क्या? मैंने शव दिखाया था, तब उन्होंने माफी मांगी थी। और भी कुछ बोल रही थीं, लेकिन तब मुझे बाहर भेज दिया था। 25 मिनट तक वो अंदर थीं और माफी मांग रही थीं। बड़े-बड़े डॉक्टर भी बोल रहे थे कि यह हत्या है, आत्महत्या नहीं है।

कर्मचारी ने बताया कि सुशांत का शरीर पीला पड़ चुका था। हम शव देखकर पहचान लेते हैं। फांसी से शरीर कभी पीला नहीं पड़ेगा। सीने और पैर के ऊपर पीले निशान थे। दोनों तलवों पर भी सुई चुभाने जैसे 3-4 निशान थे। कूपर अस्पताल की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सुशांत की मौत की वजह आत्महत्या बताई गई थी। जबकि उनके शरीर पर किसी भी तरह के निशान से इनकार किया गया। विसरा रिपोर्ट में भी यही कहा गया था कि सुशांत की मौत फांसी के बाद दम घुटने से हुई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीबीआई की टीम रिया चक्रवर्ती, सिद्धार्थ पिठानी और सैमुअल मिरांडा से एक साथ पूछताछ की। वहीं रिया के भाई शौविक चक्रवर्ती से अलग कमरे में पूछताछ हुई। सीबीआई अब तक सिद्धार्थ पिठानी, रसोइये नीरज सिंह और घरेलू सहायक दीपेश सावंत समेत कई लोगों से पूछताछ कर चुकी है। सीबीआई ने सुशांत राजपूत के चार्टर्ड अकाउंटेंट संदीप श्रीधर और अकाउंटेंट रजत मेवाती के बयान भी दर्ज किए हैं।

spot_img

advertisement

spot_img
RELATED ARTICLES

Recent posts

error: Content is protected !!
Latest
Verified by MonsterInsights