Sunday, March 15, 2026
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हसदेव अरण्य में आवंटित कोल ब्लॉक रद्द करने का आग्रह, सीएम भूपेश बोले- आशा है केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ की आवाज सुनेगी…

छत्तीसगढ़ के हसदेव अरण्य को बचाने देशभर में चल रहे कैंपेन के बीच सीएम भूपेश बघेल का बड़ा बयान आया है। उन्होंने ट्वीट कर हसदेव अरण्य क्षेत्र में आवंटित सभी कोल ब्लॉक को रद्द करने की मांग केंद्र सरकार से की है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में हसदेव को लेकर एक अशासकीय संकल्प सर्वसम्मति से पारित किया गया है। इस‌ संकल्प में केंद्र सरकार से हसदेव क्षेत्र में आवंटित सभी कोयला खदानों को रद्द करने का आग्रह किया गया है। संकल्प पारित कर वनों से जुड़ी एक अधिसूचना को वापस लेने की अनुशंसा की गई है। केंद्र की इस अधिसूचना में वन क्षेत्रों में गैर वन गतिविधियों की अनुमति प्रक्रिया में ग्राम सभा को दरकिनार कर दिया गया है। इससे आदिवासी व अन्य लोग बुरी तरह प्रभावित होंगे। आशा है केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ की आवाज सुनेगी।

दरअसल, छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार को जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के विधायक धर्मजीत सिंह ने हसदेव अरण्य क्षेत्र में आवंटित कोल ब्लॉक रद्द करने अशासकीय संकल्प लाया था। सीएम भूपेश बघेल ने अशासकीय संकल्प पर सहमति जताई, जिसके बाद अशासकीय संकल्प सर्वसम्मति से सदन में पारित हुआ। सीएम भूपेश ने कहा कि कोयला आवंटन केंद्र सरकार करती है। इस पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि सदन में आप एनओसी रद्द करने की घोषणा कर दीजिए। विधायक धर्मजीत ने कहा कि केंद्र से टकराना है तो टकराइए, लेकिन खनन रोकिए। छत्तीसगढ़ की वन संपदा, खनिज संपदा की रक्षा करना हम सबका कर्तव्य है। कोल ब्लॉक में इंग्लैंड और पोलेंड की मशीनें आ गई है। इसे रोका नहीं गया तो जंगल मैदान बन जाएगा।

रायपुर आए थे सीएम अशोक गहलोत

बता दें कि हसदेव अरण्य में कोल ब्लॉक एक्सटेंशन किया जा रहा है। राजस्थान की विद्युत कंपनी को कोल ब्लॉक का आवंटन किया गया है। कोल ब्लॉक की एनओसी लंबे समय तक अटकी थी। मार्च में राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत छत्तीसगढ़ आए थे। रायपुर में सीएम भूपेश बघेल से कोल ब्लॉक पर चर्चा हुई, जिसके बाद वन विभाग द्वारा एनओसी जारी की गई थी। एनओसी जारी होने के बाद देशभर में कोल ब्लॉक का विरोध शुरू गया। मंत्री टीएस सिंहदेव ने भी कोल ब्लॉक का विरोध किया था, जिसके बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था कि महाराजा साहब चाहेंगे तो पेड़ क्या एक डहनी भी कटने नहीं देंगे।

हसदेव में पेड़ कटाई का हो रहा विरोध

हसदेव क्षेत्र के ग्रामीण पेड़ों को बचाने रखवाली कर रहे हैं। ग्रामीणों ने फर्जी ग्रामसभा के जरिये कोल ब्लॉक हासिल करने का आरोप भी लगाया है। ग्राम पंचायतों में कोल ब्लॉक रद्द करे का प्रस्ताव भी पारित किए गए हैं। हसदेव अरण्य को लेकर भाजपा, आम आदमी पार्टी, सामाजिक संगठनों, पर्यावरण से जुड़े संगठन, सामाजिक कार्यकर्ता व आदिवासियों का विरोध लगातार जारी है। वहीं राजस्थान की बिजली कंपनी के एमडी विगत दिनों छत्तीसगढ़ आए थे। उन्होंने मुख्य सचिव और कलेक्टरों से मिलकर खनन का कम शीघ्र शुरू कराने का आग्रह किया था। हसदेव अरण्य का मामला हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंच चुका है। हसदेव के जंगलों को बचाने हसदेव बचाओ आंदोलन भी चलाए जा रहे हैं।

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