शिक्षा

सेंट्रल लाइब्रेरी ताला मामले ने पकड़ा तूल: पूर्व विधायक शैलेश पांडेय ने लगाया बीजेपी पर गंभीर आरोप…

Central Library lock issue escalated: Former MLA Shailesh Pandey made serious allegations against BJP...

बिलासपुर। नगर निगम द्वारा संचालित सरकंडा के नूतन चौक स्थित सेंट्रल लाइब्रेरी का मामला अब तूल पकड़ने लगा है इस मामले में पूर्व शहर विधायक शैलेश पांडे भी कूद गए हैं उन्होंने बयान जारी कर बीजेपी को आड़े हाथों लिया है और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है।

पूर्व विधायक शैलेश पांडेय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि कांग्रेस की सरकार के समय बनी सेंट्रल लाइब्रेरी जो कि पंडित शिव दुलारे मिश्र जी के नाम पर बनी है जो कि प्रथम विधायक थे बिलासपुर के और बीजेपी की सरकार उनके नाम को बदनाम कर रही है। सेंट्रल लाइब्रेरी बिलासपुर का शिक्षा का एक लैंडमार्क है और वहाँ पर युवा अपनी पढ़ाई करते है जिसकी फ़ीस केवल पाँच सौ रुपये रखी गई थी ताकि युवाओं पर आर्थिक बोझ न आए और वे अपनी पढ़ाई को अच्छे से कर सके लेकिन बीजेपी सरकार ने आज वहाँ की फ़ीस को दुगने से भी ज्यादा कर दिया है जो कि गलत है इससे उनपर बोझ पड़ेगा और वो शासन की इस सुविधा का उपयोग सही से नहीं कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि शासन से माँग करता हूँ कि लाइब्रेरी के शुल्क में वृद्धि को वापस ले ले और छात्र हित में फैसला करे।

दरअसल छात्र-छात्राओं की मांग है कि सेंट्रल लाइब्रेरी में पिछले दो वषों से शुल्क 500 रु प्रतिमाह था जिसे 01 अगस्त, 2024 से बढाकर 1100 रु प्रति माह कर दिया गया है। उनका कहना है कि लाइब्रेरी में विभिन्न श्रेणी, वर्ग के छात्र है तथा सभी के लिए यह शुल्क देना संभव नहीं हैं तथा नया लाया गया पाली सिस्टम (शिफ्ट) को खत्म कर पूर्व यथावत सिस्टम को बहाल किया जानें की मांग की है। इसके अलावा पूर्व में समय सुबह 8:00 सें रात 10:00 बजे था जिसे कम कर के 9:30 कर दिया गया है।

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