बिलासपुर। रेलवे ट्रैक पर अवरोध उत्पन्न करना न केवल रेल यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है, बल्कि यह एक कानूनी अपराध भी है। हाल ही में एक ऐसी ही घटना में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
दिनांक 28 दिसंबर 2024 को रात्रि लगभग 10:29 बजे, विशाखापत्तनम-अमृतसर हिराकुंड एक्सप्रेस (20807) के लोको पायलट ने खोडरी और भनवारटंक स्टेशनों के बीच एक सुरंग (टनल) में रेलवे ट्रैक पर अवरोध होने की सूचना दी। जांच के दौरान पता चला कि सुरंग के अंदर ट्रैक पर नाली का स्लैब रखा गया था, जिससे ट्रेन का संचालन बाधित हो सकता था।
रेलवे की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल का निरीक्षण किया और यातायात बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाए। ट्रैक को सुरक्षित घोषित कर ट्रेन सेवाएं पुनः चालू कर दी गईं।
रेलवे सुरक्षा बल ने जांच करते हुए एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया और उसके खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 153 और 174(c) के तहत मामला दर्ज किया। धारा 153 के तहत रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने पर पांच वर्ष की सजा का प्रावधान है।
रेलवे प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि रेलवे ट्रैक पर किसी भी प्रकार का अवरोध उत्पन्न न करें। यह न केवल यात्रियों की जान को जोखिम में डालता है, बल्कि दोषियों के लिए गंभीर कानूनी परिणाम भी ला सकता है।
रेलवे प्रशासन ने कहा कि ऐसी घटनाओं से परिवार और समाज को भी शर्मिंदगी और कठिनाई झेलनी पड़ती है। यदि किसी को कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तत्काल इसकी जानकारी निकटतम रेलवे स्टेशन या रेलवे सुरक्षा बल को दें।
इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि रेलवे सुरक्षा बल सतर्क और प्रतिबद्ध है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। रेलवे प्रशासन द्वारा की गई यह कार्रवाई अन्य लोगों के लिए भी एक चेतावनी है कि रेलवे ट्रैक से छेड़छाड़ करना न केवल खतरनाक है, बल्कि इसके गंभीर कानूनी परिणाम भी हो सकते हैं।
यात्रियों की सुरक्षा और सुगम यात्रा के लिए रेलवे प्रशासन सदैव तत्पर है। समाज के प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह रेलवे की सुरक्षा में सहयोग करें और किसी भी गैरकानूनी गतिविधि की सूचना देकर अपना सामाजिक उत्तरदायित्व निभाएं।