Tuesday, January 6, 2026
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बिलासपुर: नगरीय निकाय चुनाव कांग्रेस में मचा घमासान, नाराज कार्यकर्ताओं ने, दीपक बैज का फूंका पुतला, जमकर किया प्रदर्शन…

बिलासपुर में कांग्रेस पार्टी के पार्षद टिकट वितरण के बाद पार्टी के अंदर असंतोष और बगावती सुरों ने बड़ा रूप ले लिया है। टिकट वितरण को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और शहर अध्यक्ष विजय पाण्डेय पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यह मामला तब और गर्मा गया जब कार्यकर्ताओं ने राजीव गांधी चौक पर दीपक बैज का पुतला जलाया और टिकट वितरण में अनियमितताओं तथा पैसों की लेनदेन का आरोप लगाते हुए जोरदार नारेबाजी की।

प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं का कहना है कि पार्टी ने योग्य और स्थानीय उम्मीदवारों को दरकिनार कर दिया और बाहरी तथा धनबल का सहारा लेने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी। इस फैसले ने न केवल पार्टी कार्यकर्ताओं को निराश किया है बल्कि स्थानीय लोगों के बीच भी असंतोष बढ़ा दिया है।

इस विवाद के चलते कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने पार्टी से अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। इनमें पूर्व पार्षद पंचराम सूर्यवंशी और शहर उपाध्यक्ष मोहम्मद शेख अय्यूब जैसे नाम शामिल हैं, जिन्होंने पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए अपने विरोध को सार्वजनिक रूप से दर्ज कराया है। इन नेताओं ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का भी ऐलान किया है, जो आगामी नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के लिए चुनौती खड़ी कर सकता है।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि टिकट वितरण में पारदर्शिता का अभाव था और प्रदेश नेतृत्व ने बाहरी प्रभाव में आकर फैसले लिए। उनका कहना है कि यह प्रक्रिया न केवल पार्टी के सिद्धांतों के खिलाफ है, बल्कि इससे कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है।

बिलासपुर में टिकट वितरण विवाद ने कांग्रेस की चुनावी रणनीति को गंभीर झटका दिया है। चुनाव से ठीक पहले इस प्रकार का असंतोष पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े करता है। अगर इस विवाद को जल्द नहीं सुलझाया गया, तो इसका असर कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन पर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।

बिलासपुर में कांग्रेस पार्टी को अब दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। एक तरफ उसे अपने असंतुष्ट कार्यकर्ताओं को मनाना होगा, वहीं दूसरी तरफ निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले अपने पूर्व पदाधिकारियों का सामना करना होगा। पार्टी के लिए यह समय आत्ममंथन और संगठन को मजबूत करने का है। यदि पार्टी नेतृत्व इस संकट को समय रहते नहीं सुलझाता, तो इसके दूरगामी परिणाम आगामी चुनावों में देखने को मिल सकते हैं।

बिलासपुर में पार्षद टिकट वितरण को लेकर मचा विवाद कांग्रेस के लिए एक चेतावनी है। पार्टी को संगठनात्मक एकता बनाए रखने और पारदर्शी फैसले लेने पर ध्यान केंद्रित करना होगा। वरना, यह आंतरिक कलह आगामी चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।

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