बिलासपुर। कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव और जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी के बीच बढ़ते विवाद ने कांग्रेस संगठन में हलचल मचा दी है। यह विवाद एक दिन पहले कांग्रेस नेता पंकज सिंह के आवास पर आयोजित एक भोज कार्यक्रम के बाद सामने आया था, जहां पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव भी उपस्थित थे। भोज के बाद दोनों नेताओं के बीच हुए कथित विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है और मामला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज तक पहुंच गया है।
पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के अल्प प्रवास के दौरान, वे कांग्रेस नेता पंकज सिंह के आवास पर एक निजी कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम में कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, प्रमोद नायक, पूर्व विधायक शैलेष पाण्डेय और जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी समेत अन्य कांग्रेस नेता मौजूद थे।
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव और जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी के बीच किसी मुद्दे पर विवाद हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह विवाद निष्कासन कार्रवाई को लेकर था। हालांकि, तत्कालीन समय में मामला ज्यादा तूल नहीं पकड़ सका और नेताओं के बीच बीच-बचाव के बाद दोनों अपने-अपने रास्ते चले गए।
विवाद ने पकड़ा तूल
मंगलवार को मामला उस समय और गंभीर हो गया जब जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी ने पीसीसी प्रमुख दीपक बैज को पत्र लिखकर कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग कर दी। पत्र में विजय केशरवानी ने आरोप लगाया कि विधायक अटल श्रीवास्तव ने उनके प्रति अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया और सार्वजनिक रूप से उन्हें ‘चपरासी’ कहकर संबोधित किया, जबकि पार्टी के बागियों को ‘कलेक्टर’ बताया। यह बयान पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव की मौजूदगी में दिया गया था।
नगर निकाय चुनाव से जुड़ा विवाद
अपने पत्र में विजय केशरवानी ने नगर निकाय चुनाव के दौरान पार्टी अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ गद्दारी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने लिखा कि कई वार्डों में पार्टी अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ खुलाघात किया गया, जिसकी जांच के बाद कुछ बागी नेताओं की प्राथमिक सदस्यता निरस्त करते हुए उन्हें पार्टी से छह वर्षों के लिए निष्कासित किया गया था।
विजय केशरवानी का कहना है कि इसी मुद्दे को लेकर कोटा विधायक ने उनके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की और मीडिया में भी आपत्तिजनक बयान दिया। इसे कांग्रेस संगठन की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला बताते हुए उन्होंने पीसीसी प्रमुख से विधायक के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।
आगे की स्थिति
फिलहाल, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन कांग्रेस संगठन में यह मामला गंभीर बनता जा रहा है। पार्टी नेतृत्व को अब यह तय करना होगा कि इस विवाद को कैसे सुलझाया जाए ताकि संगठन में अनुशासन बना रहे।
यह देखना दिलचस्प होगा कि पीसीसी प्रमुख दीपक बैज इस पूरे मामले पर क्या निर्णय लेते हैं और क्या कोटा विधायक के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाती है या नहीं।