बिलासपुर, 1 मार्च: प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी (शहर/ग्रामीण) ने केंद्र सरकार और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के खिलाफ नेहरू चौक में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेसजनों ने केंद्र सरकार की नीतियों और ईडी की कार्यशैली को लोकतंत्र विरोधी बताते हुए पुतला दहन किया।
पुलिस और कांग्रेस के बीच टकराव
प्रदर्शन से पहले कांग्रेसजन कांग्रेस भवन में एकत्र हुए और केंद्र सरकार व ईडी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नेहरू चौक पहुंचे। नारे लगाते हुए— “ईडी मुर्दाबाद”, “तानाशाही नहीं चलेगी”, “प्रजातंत्र बचाना है, भाजपा को भगाना है”— कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जोश देखते ही बनता था।
पुलिस पहले से ही मौके पर तैनात थी और कांग्रेसजनों को रोकने का प्रयास कर रही थी। पुलिस ने पुतला छीनने की कोशिश भी की, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपनी सूझबूझ से पुलिस को चकमा देकर अंततः पुतला दहन कर दिया। जैसे ही पुतले को आग लगी, पुलिस पानी की बोतल लेकर दौड़ती रही, लेकिन कांग्रेसजन जलते पुतले को लेकर आगे बढ़ते रहे।
विजय पांडेय ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना
शहर कांग्रेस अध्यक्ष विजय पांडेय ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक मर्यादाओं को लांघ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपने विरोधियों को डराने और दबाने के लिए ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स जैसी एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।
पांडेय ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की जासूसी कराना और कांग्रेस नेताओं से घंटों पूछताछ करवाना भाजपा की हताशा को दर्शाता है। उन्होंने दावा किया कि छत्तीसगढ़ अपराध का गढ़ बन चुका है, जहां रोजाना हत्या, लूट, बलात्कार और साइबर क्राइम जैसी घटनाएं आम हो गई हैं।
ईवीएम से मिली जीत, बैलेट ने भाजपा को हराया
विजय पांडेय ने कहा कि भाजपा ने शहरी क्षेत्रों में ईवीएम के सहारे जीत हासिल की, लेकिन पंचायत चुनावों में बैलेट पेपर से मिली हार ने भाजपा की पोल खोल दी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा ने धनबल और सत्ता का दुरुपयोग करके विधानसभा चुनाव जीता था, लेकिन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने ही गृह क्षेत्र कुनकुरी में हार गए। कई मंत्रियों और विधायकों के परिजन भी चुनाव हार गए, जिसे भाजपा स्वीकार नहीं कर पा रही है।
पांडेय ने कहा कि भाजपा दिल्ली में अपनी विफलता का जवाब देने से बचने के लिए कांग्रेस नेताओं को ईडी और सीबीआई में उलझा रही है और जनपद स्तर पर अपनी सरकार बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा लोकतंत्र की जड़ों को इतना कमजोर न करे कि अंततः खुद भी धराशायी हो जाए।
प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं की बड़ी भागीदारी
इस विरोध प्रदर्शन में शहर अध्यक्ष विजय पांडेय, पूर्व महापौर रामशरण यादव, राजेंद्र साहू, शिवा मिश्रा, पंकज सिंह, जितेंद्र पांडेय, राकेश शर्मा, ऋषि पांडेय, समीर अहमद, आशीष गोयल, विनोद साहू, सुभाष ठाकुर, अशोक सूर्यवंशी, चंद्रहास केशरवानी, शहजादी कुरैशी, रमाशंकर बधेल, सीमा घृतेश, स्वर्णा शुक्ला, शारदा नागरकर, सुदेश नंदिनी, मोहम्मद हफीज, सरजू बर्मन, कमल गुप्ता, राजेश ताम्रकार, मनोज सिंह, देवदत्त शर्मा, उमेश कश्यप, बालचंद साहू, गौरव एरी, अखिलेश गुप्ता, संजय यादव, अजय काले, राज कुमार यादव, पवन साहू, मोहम्मद अयूब, रमेश गुप्ता, घनश्याम कश्यप, देवेंद्र मिश्रा, सुरेंद्र तिवारी, किशन पटेल, शेर सिंह कश्यप, हैरी डेनियल और संतोष पिप्पलवा सहित कई अन्य कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
कांग्रेस द्वारा किया गया यह प्रदर्शन भाजपा सरकार और उसकी नीतियों के खिलाफ बढ़ते असंतोष को दर्शाता है। जहां एक ओर कांग्रेस इसे लोकतंत्र बचाने की लड़ाई बता रही है, वहीं भाजपा इसे अराजकता फैलाने की कोशिश कह सकती है। लेकिन यह स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ में राजनीतिक संघर्ष अभी और तेज होगा।