बिलासपुर के चकरभाठा थाना क्षेत्र के सत्तर खोली में होली के दिन उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब दो गुटों के बीच पुरानी रंजिश के चलते हिंसक झड़प हो गई। इस घटना में कई लोग घायल हुए, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। इस मारपीट के कारण क्षेत्र में तनाव का माहौल है, और स्थानीय लोग भय के साये में जी रहे हैं।
पीड़ित पक्ष के जगदीश छाबड़ा के अनुसार, जब वे मोहल्ले में घूम रहे थे, तब उन्होंने नरेश पंजवानी को खून से लथपथ देखा। जैसे ही वे उसे मदद देने पहुंचे, उन पर भी हमला कर दिया गया। घायल नरेश को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें सिम्स रेफर कर दिया गया।
वहीं, दूसरे पक्ष के पंकज वर्मा का कहना है कि जज बंगला के पास अचानक 60-70 लोगों ने उन पर हमला कर दिया, जिससे वे बेहोश हो गए। सुमित चौहान ने भी आरोप लगाया कि उन पर भीड़ ने हमला किया, जिससे इलाके में तनाव और बढ़ गया।
स्थानीय प्रशासन पर उठे सवाल
नगर पालिका परिषद बोदरी के अध्यक्ष प्रतिनिधि विजय वर्मा ने इस घटना को बिलासपुर के गैंगवार से जोड़ते हुए कहा कि बाहरी असामाजिक तत्व क्षेत्र में अशांति फैला रहे हैं। उन्होंने पुलिस से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर काउंटर केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, स्थानीय लोग पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठा रहे हैं और प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
इलाके में दहशत और भय
इस घटना के बाद बोदरी और आसपास के क्षेत्रों में भय का माहौल है। लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कहीं यह हिंसा आगे और न भड़क जाए। व्यापारियों ने अपनी दुकानों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है, और आम नागरिक रात में घर से निकलने से कतरा रहे हैं।
क्या कहती है यह घटना?
होली, जो कि प्रेम और भाईचारे का त्योहार है, उसमें इस तरह की हिंसा होना समाज के लिए चिंताजनक संकेत है। यदि पुलिस और प्रशासन समय रहते कड़ी कार्रवाई नहीं करते हैं, तो ऐसी घटनाएं बार-बार दोहराई जा सकती हैं। समाज के हर वर्ग को आपसी सौहार्द बनाए रखने और शांति बनाए रखने की दिशा में काम करने की आवश्यकता है।
अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले को कितनी गंभीरता से लेती है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।


