छत्तीसगढ़, महासमुंद। एक बार फिर लोगों की मेहनत की कमाई वेकेशन पैकेज के नाम पर लुट गई। इस बार ठगी का जाल बुना गया ‘हैप्पी होम’ नाम की कंपनी के जरिये, जिसने लोगों को गोल्ड कॉइन, मुफ्त एयर टिकट और सस्ते वेकेशन पैकेज जैसे आकर्षक वादों के माध्यम से करोड़ों रुपये की चपत लगा दी। अब कंपनी का कार्यालय बंद है और डायरेक्टर्स फरार हैं।
‘हैप्पी होम’ कंपनी ने महासमुंद समेत आस-पास के क्षेत्रों में अपने पैकेज को बड़े पैमाने पर प्रचारित किया। 3, 5 और 6 साल के ‘लाइफटाइम’ वेकेशन पैकेज के वादे कर निवेशकों को लुभाया गया। लोगों को समझाया गया कि वे निवेश के बदले न केवल जमीन के कागज़ात, बल्कि गोल्ड कॉइन और विदेश यात्रा जैसे लाभ भी प्राप्त करेंगे। लेकिन जैसे ही ठगी का जाल पूरा फैला, कंपनी फरार हो गई।
इस पूरे घोटाले में सबसे गंभीर पहलू है प्रशासन की संदिग्ध भूमिका। आरोप है कि एसडीएम स्तर के अधिकारी ने लाखों रुपये की रिश्वत लेकर फर्जी रजिस्ट्री को मंजूरी दी। पीड़ितों का कहना है कि शिकायतें देने के बावजूद प्रशासन ने न कोई कार्रवाई की और न ही पुलिस ने अब तक एफआईआर दर्ज की है। इससे प्रशासन की निष्पक्षता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
इस घोटाले की परतें जब खुलीं, तो सामने आया कि यही टीम पहले ‘डिजायर ताज वेकेशन’ नाम की कंपनी चला रही थी, जिस पर बिलासपुर में दो एफआईआर पहले ही दर्ज हैं। अब वही ठग ‘हैप्पी होम’ के नाम से एक नया रूप लेकर महासमुंद में सक्रिय हो गए और फिर से लोगों को ठगा।
जनता अब पूछ रही है – जब सब कुछ सामने है, तो प्रशासन और पुलिस कब जागेगी? कंपनी के डायरेक्टर्स को गिरफ्तार कर कब लोगों का पैसा वापस दिलाया जाएगा? क्या जिम्मेदार अफसरों पर कोई सख्त कार्रवाई होगी?
इस घटना से सीख लेकर जनता से अपील है कि किसी भी स्कीम में निवेश करने से पहले उसकी जांच-परख अवश्य करें। बड़ी-बड़ी बातों और सुनहरे सपनों से सजाई गई योजनाएं अक्सर धोखा होती हैं। फर्जी कंपनियों से बचें और किसी भी निवेश से पहले उसकी प्रमाणिकता ज़रूर जांचें।


