बिलासपुर, 15 जुलाई 2025
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में नया मोड़ आ गया है। राज्य के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के खिलाफ बिलासपुर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अपने अधिवक्ता हर्षवर्धन परगनिया के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर कर गिरफ्तारी पर रोक और जमानत की मांग की है।
लखमा ने अपनी याचिका में यह तर्क दिया है कि ED द्वारा की जा रही कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है और उन्हें बिना पर्याप्त साक्ष्य के फंसाया जा रहा है। इस मामले में हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच ने याचिका को स्वीकार कर लिया है। मामले की अगली सुनवाई अगस्त के पहले सप्ताह में निर्धारित की गई है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में हुए करोड़ों रुपये के कथित शराब घोटाले को लेकर ED द्वारा लगातार जांच की जा रही है। कई अधिकारियों, कारोबारियों और नेताओं के खिलाफ जांच और कार्रवाई की जा चुकी है। अब तक इस घोटाले में कई लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। कवासी लखमा, जो राज्य के आबकारी मंत्री रह चुके हैं, अब इस घोटाले की जांच के दायरे में आ गए हैं।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि हाई कोर्ट इस मामले में क्या रुख अपनाता है। क्या कवासी लखमा को राहत मिलेगी या ED को कार्रवाई के लिए खुली छूट दी जाएगी — इसका फैसला आने वाले हफ्तों में सामने आएगा।
छत्तीसगढ़ में यह शराब घोटाला कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान सामने आया था। आरोप है कि सरकारी शराब दुकानों के संचालन में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ और इससे राज्य को करोड़ों का नुकसान हुआ। ED इस घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रही है।