बिलासपुर।
निजी कार्यक्रम में शुक्रवार को बिलासपुर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ भवन में मीडिया से चर्चा करते हुए प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने हाल ही में हुए मंत्री मंडल विस्तार को गैर संवैधानिक करार देते हुए कहा कि राज्य सरकार संविधान की सीमाओं से बाहर जाकर काम कर रही है।
बघेल ने कहा कि हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देश के अनुसार छत्तीसगढ़ में अधिकतम 13 मंत्री ही हो सकते हैं, लेकिन मौजूदा सरकार ने 14 मंत्रियों को शपथ दिलाकर संवैधानिक व्यवस्था को ठेंगा दिखाया है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा – “राज्यपाल और मुख्यमंत्री बताएं कि संविधान में यह संशोधन कब हुआ? जब 13 की सीमा तय है तो 14 मंत्री बनाने का अधिकार कहां से मिला?”
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जब मंत्री ही असंवैधानिक होंगे तो उनके द्वारा लिए गए सभी फैसले भी अमान्य माने जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कदम से प्रदेश में संविधान पर संकट गहराता जा रहा है और लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
बघेल के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। एक ओर कांग्रेस इसे संवैधानिक व्यवस्था की रक्षा की लड़ाई बता रही है तो वहीं भाजपा खेमे से सरकार पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकता है।