बिलासपुर। स्वर्गीय काशीनाथ गोरे की स्मारिका के विमोचन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने शनिवार को सर्किट हाउस में मीडिया से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने मंत्री मंडल विस्तार, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयानों और प्रधानमंत्री के खिलाफ अपशब्दों को लेकर बेबाकी से अपनी राय रखी।
मंत्री मंडल विस्तार पर बोले – न्यायालय पर भरोसा रखें
मंत्री मंडल विस्तार को असंवैधानिक बताए जाने के सवाल पर डॉ. सिंह ने कहा कि इस विषय पर न्यायालय का निर्णय सर्वोपरि है। उन्होंने कहा – “हरियाणा में भी यही व्यवस्था चल रही है। 13.5 को 13 भी कर सकते हैं और 14 भी। जब मामला न्यायालय में है तो चिंता की कोई बात नहीं है। 14 हो जाएंगे तो अच्छा है, 14 हैं और 14 ही रहेंगे। न्यायालय का फैसला आने दीजिए।”
भूपेश बघेल पर साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के हालिया बयानों पर तंज कसते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से बघेल का अजीबोगरीब बयान सामने आ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर भूपेश बघेल इतनी हड़बड़ी में क्यों हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि “सरसंघ संचालक की बात समझने के लिए ज्यादा बुद्धि चाहिए।”
प्रधानमंत्री के खिलाफ अपशब्दों पर प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपशब्द कहे जाने के मामले पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि जैसा नेता कहेगा, वैसा ही कार्यकर्ता बोलेगा। उन्होंने इसे राजनीति में चरित्र की बड़ी गिरावट करार दिया।
राज्यपाल बनने की अटकलों पर दिया जवाब
मीडिया में उनके राज्यपाल बनाए जाने की अटकलों पर भी डॉ. सिंह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा – “ये केवल मीडिया की खबरें हैं। मुझे छत्तीसगढ़ में ही रहने दीजिए।”
कार्यक्रम के दौरान डॉ. रमन सिंह ने स्वर्गीय काशीनाथ गोरे के योगदान को भी याद किया और उनके सामाजिक कार्यों को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।