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बिलासपुर में कोचिंग संस्थानों पर कसेगा शिकंजा, अब होगी पूरी लिस्टिंग और पंजीयन; छात्रों की सुरक्षा बनेगी पहली प्राथमिकता…

बिलासपुर। शहर में तेजी से बढ़ रहे कोचिंग संस्थानों की कार्यप्रणाली अब प्रशासन की निगरानी में होगी। जिला मुख्यालय में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों की लिस्टिंग और पंजीयन कराने के निर्देश कलेक्टर संजय अग्रवाल ने दिए हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बिलासपुर आने वाले हजारों विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

बिलासपुर लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए प्रमुख केंद्र के रूप में पहचान बना चुका है। शहर में बड़ी संख्या में विद्यार्थी दूसरे जिलों और राज्यों से आकर रह रहे हैं। ऐसे में कोचिंग संस्थानों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने के साथ उनकी सुरक्षा, बुनियादी सुविधाओं और संस्थानों की जवाबदेही को लेकर प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है।

कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि जिला मुख्यालय में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों की व्यवस्थित जानकारी जुटाकर उनकी लिस्टिंग और पंजीयन कराया जाए। इसके साथ ही प्रत्येक संस्थान में उपलब्ध सुरक्षा व्यवस्था, आवश्यक सुविधाओं और निर्धारित मानकों के पालन की जानकारी भी संधारित की जाएगी। यानी अब केवल कोचिंग संचालित करना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि संस्थानों को प्रशासन के सामने अपनी व्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली की जानकारी भी देनी होगी।

कोचिंग संस्थानों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी एक साथ अध्ययन करते हैं। ऐसे में भवन की सुरक्षा, आपातकालीन व्यवस्था, विद्यार्थियों के लिए जरूरी सुविधाएं और अन्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने संस्थानों की व्यवस्थाओं की जानकारी व्यवस्थित रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने कोचिंग संस्थानों की कार्यप्रणाली के लिए निर्धारित एसओपी की जानकारी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। इसका मतलब साफ है कि संस्थानों को अपनी जिम्मेदारियों और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुरूप काम करना होगा। प्रशासन अब यह जानना चाहता है कि कौन-कौन से संस्थान संचालित हैं, वहां कितने विद्यार्थी पढ़ रहे हैं और विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए संस्थानों ने क्या इंतजाम कर रखे हैं।

कलेक्टर संजय अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बिलासपुर आने वाले युवाओं की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कोचिंग संस्थानों की लिस्टिंग और पंजीयन की प्रक्रिया को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे प्रशासन के पास शहर में संचालित कोचिंग संस्थानों का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध होगा और जरूरत पड़ने पर संस्थानों की व्यवस्थाओं की निगरानी भी आसान होगी।

अब बिना निगरानी नहीं चलेगा कारोबार

प्रशासन के इस कदम के बाद शहर में संचालित कोचिंग संस्थानों की जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है। लंबे समय से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को आकर्षित कर रहे कोचिंग संस्थानों को अब सुरक्षा और मानकों के मामले में अपनी व्यवस्था दुरुस्त रखनी होगी। आने वाले दिनों में लिस्टिंग और पंजीयन की प्रक्रिया से यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि शहर में कितने कोचिंग संस्थान वास्तव में संचालित हो रहे हैं और वे निर्धारित मानकों पर कितने खरे उतरते हैं।

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