देशछत्तीसगढ़

बंगाल की खाड़ी से चक्रवाती तूफान! 20 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, 100 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं; छत्तीसगढ़ पर भी मंडराया मौसम का खतरा…

बिलासपुर। बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र तेजी से शक्तिशाली होता जा रहा है। अगले 12 से 18 घंटों के भीतर इसके चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की प्रबल संभावना जताई गई है। मौसम के बदलते मिजाज ने देश के कई राज्यों की चिंता बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 20 राज्यों में हल्की से लेकर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 40 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है। कई राज्यों में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि की चेतावनी भी दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके 2 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश के तट के पास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुंचने की संभावना है। इस मौसमी गतिविधि का सबसे ज्यादा असर आंध्र प्रदेश, ओडिशा और आसपास के राज्यों में देखने को मिल सकता है। 2 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण तटीय इलाकों में जनजीवन प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।

समुद्र में भी खतरे की स्थिति बनती जा रही है। IMD ने पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में तेज हवाओं को लेकर विशेष चेतावनी जारी की है। 1 नवंबर की दोपहर से हवा की रफ्तार 65 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं 2 नवंबर की सुबह से 3 नवंबर की दोपहर तक हवाएं 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। इस दौरान हवा के झोंके 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।

मौसम विभाग ने तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, झारखंड, बिहार, ओडिशा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश हो सकती है। कई स्थानों पर बिजली गिरने, तेज आंधी और ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है।

छत्तीसगढ़ में भी इस मौसमी सिस्टम का असर देखने को मिल सकता है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए किसानों और आम नागरिकों को सतर्क रहने की जरूरत है। तेज हवाओं और बारिश से खुले इलाकों में कामकाज, बिजली व्यवस्था और फसलों पर असर पड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

चक्रवाती तूफान की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को विशेष हिदायत दी है। 1 से 4 नवंबर के बीच बंगाल की खाड़ी के प्रभावित समुद्री क्षेत्रों और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। समुद्र में मौजूद मछुआरों को सुरक्षित स्थानों पर लौटने की हिदायत दी गई है।

बंगाल की खाड़ी में तेजी से मजबूत हो रहा यह मौसमी सिस्टम आने वाले दिनों में देश के बड़े हिस्से के मौसम का मिजाज बदल सकता है। अब निगाहें मौसम विभाग के अगले पूर्वानुमान पर टिकी हैं। यदि यह सिस्टम चक्रवाती तूफान में तब्दील होता है तो तटीय राज्यों के लिए चुनौती और बढ़ सकती है। ऐसे में प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को समय रहते सतर्कता बरतने की जरूरत है।

error: Content is protected !!
Latest