बिलासपुर/ विधानसभा चुनाव के नामांकन फार्म खरीदने और जमा करने के दौर में कलेक्टोरेट में सोमवार को जमकर सियासी ड्रामा चला। मरवाही से भाजपा प्रत्याशी अर्चना पोर्ते की उम्मीदवारी को नकारते हुए आदिवासी समाज के नेता पहलवान सिंह नामांकन फार्म खरीदने पहुंच गए, जिन्हें देखते ही अर्चना पोर्ते के पति शंकर कंवर ने पैर छूकर मनाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने।
मरवाही क्षेत्र के आदिवासी नेता और भाजपा से ताल्लुक रखने वाले पहलवान सिंह सोमवार दोपहर करीब 2 बजे कलेक्टोरेट पहुंचे। काउंटर में उन्होंने नामांकन लेने की प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद मीडिया से बातचीत करते हुए दावा किया कि अभी टिकट फाइनल नहीं हुआ है। वे शुरू से ही भाजपा से टिकट की मांग कर रहे थे, पर भाजपा ने उनको टिकट दिया, जिन्होंने कभी भाजपा के लिए काम ही नहीं किया है। उनका कहना था कि अगर टिकट नहीं मिला तो वे निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। इसके लिए समाज के लोग भी तैयार हैं। मीडिया से बातचीत करने के बाद वे पेड़ के नीचे छांव में बैठ गए। इधर, अर्चना पोर्ते का पति पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष शंकर कंवर भी नामांकन फार्म लेने पहुंचे थे। जैसे ही उन्होंने पहलवान सिंह को देखा, वे भी अपने एक साथी के साथ पेड़ के नीचे पहलवान सिंह के बगल में बैठ गए। कुछ देर उनके बीच चर्चा हुई। उन्होंने उनका मान-मनौव्वल किया। जब वे नहीं माने तो शंकर कंवर ने उनका पैर पकड़ लिया और आशीर्वाद मांगने लगे, लेकिन पहलवान सिंह नजरअंदाज करते हुए मुस्कुराते रहे। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि अभी आशीर्वाद नहीं मिलेगा।


