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स्वतन्त्रता दिवस: भारत की आजादी के अलावा और भी बहुत कुछ कहती है…जानें…15 अगस्त की स्वर्णिम भारतीय इतिहास…

15 अगस्त का दिन भारतीय इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है. इसी दिन आज से 7 दशक पूर्व भारत को अंग्रेजों की गुलामी से आजादी मिली...

15 अगस्त का दिन भारतीय इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है. इसी दिन आज से 7 दशक पूर्व भारत को अंग्रेजों की गुलामी से आजादी मिली थी. हर कोई भारतवासी उस समय इस दिन का सपना देख रहा था. अधिकतर लोग केवल यह जानते हैं कि 15 अगस्त के दिन हिन्दुस्तान आजाद हुआ था, हालांकि 15 अगस्त की तारीख़ और भी बहुत कुछ कहती है. आइए जानते है 15 अगस्त से जुड़ीं और भी कई महत्वपूर्ण बातों के बारे में…

– 15 अगस्त 1947 को भारत को आजादी प्राप्त हुई थी. भारत के अंतिम वायसराय लार्ड माउंटबेटन ने भारत की आजादी के लिए इस तारीख़ का चयन किया था.

– 15 अगस्त को भारत के साथ ही अन्य तीन और देश भी अपना आजादी दिवस मनाते हैं. जापान से 15 अगस्त, 1945 को दक्षिण कोरिया आजाद हुआ था. वहीं बहरीन ब्रिटेन से 15 अगस्त, 1971 को और कांगो नामक देश को फ़्रांस से 15 अगस्त, 1960 को स्वतंत्रता मिली थी.

– 15 अगस्त 1519 को पनामा नामक शहर बनाया गया था.

– भारत की आजादी के तीन साल बाद यानी कि 15 अगस्त 1950 को असम में भीषण भूकंप आया था. बताया जाता है कि इस दौरान करीब 3000 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था.

– ब्रिटिश राज से भारत को आजादी दिलाने में शामिल रहे महर्षि अरबिंदो घोष का जन्म 15 अगस्त की ही तारीख़ को 1872 में हुआ था.

– ईस्ट इंडिया रेलवे द्वारा कलकत्ता (अब कोलकाता) से हुगली तक पहली यात्री ट्रेन चलाई गई थी, जिस दिन यह ट्रेन चलाई थी वह दिन 15 अगस्त 1854 का दिन था. आधिकारिक रूप से ट्रेन का संचालन 1855 से शुरू हुआ था.

– ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा भारत के विभिन्न जिलों में अलग सिविल एवं आपराधिक अदालतों के गठन को लेकर निर्णय लिया गया था. यह निर्णय पंद्रह अगस्त 1772 को लिया गया था.

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