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छत्तीसगढ़ / हॉस्टल में तबीयत बिगड़ी, प्रिंसिपल ने देखा तक नहीं, 240 छात्राएं पहुंचीं कलेक्टोरेट

प्रयास अवासीय स्कूल की छात्राओं बोलीं : दो साल से प्रिंसिपल की प्रताड़ना झेल रहे हैं, समस्याएं लेकर जाते हैं तो हमें ही डांट कर भगा देती हैं

गार्ड को बंधक बनाया और पैदल निकल पड़ी कलेक्टर से मिलने, वहां पहुंचकर कहा, प्रिंसिपल को हटाना ही उचित है

बिलासपुर. प्रिंसिपल मैडम जया सिंह का व्यवहार बहुत ही खराब है। जब से आई हूं लगातार प्रताड़ना झेल रही हूं। समस्या सुनने की बजाय उल्टा हमें ही डांटकर भगा दिया जाता है। इतने बड़े पद में हैं उन्हें तो खुद सोचना चाहिए कि बच्चियां हैं, अगर कोई गलती कर रही हैं तो समझाया जा सकता है। समझाना तो दूर ठीक से बात भी नहीं करती। दो साल से बिना किसी गलती के उनकी डांट खाते आ रहे हैं। कोई समस्या बताओ तो सुनती नहीं हैं, सीधे भगा देती हैं। यह तकलीफ है प्रयास आवासीय विद्यालय की छात्राओं की। कलेक्टर के पास पहुंचकर छात्राओं ने कहा कि प्रिंसिपल को हटा देना ही उचित है।

छात्राओं ने भास्कर से साझा की अपनी तकलीफ

  1. कभी-कभी लगता है कि क्या हम लोग सिर्फ डांट खाने के लिए ही यहां आए हैं। हमारी बातें आखिर क्यों नहीं सुनी जातीं? हम अपने परिवार से दूर हैं यहां पढ़ने ही तो आए हैं। हम अपनी समस्याएं सुनाएं किसको? ये सब सोचकर पढ़ाई में मन भी नहीं लगा पाते। पढ़ने बैठते हैं तो मन में यही सब बातें आने लगती हैं। सोमवार की रात को तीन बच्चियों की तबीयत बिगड़ी। अधीक्षिका मैडम रोशनी पाल को बताया तो उन्होंने प्रिंसिपल को फोन किया। मैडम नहीं आईं। रोशनी मैडम ने तीनों बच्चियों को गाड़ी में बिठाया और सेंदरी के पास एक डॉक्टर के यहां ले गईं। ये बात रात आठ बजे की है।
  2. डॉक्टर के यहां से दवाई लीं और हॉस्टल लौटने में रात 9.30 बज गए। मैडम को सबकुछ पता होने के बाद भी वे यहां नहीं आईं। न ही हमने किसी तरह की बात की। इसी बात से गुस्सा और बढ़ गया। पढ़ाई को लेकर कुछ समस्याओं से तो पहले से ही जूझ रहे थे। और जब प्रिंसिपल हमें देखने नहीं आई तो लगने लगा कि मैडम को हमारी चिंता नहीं है। यही सोचकर गुस्सा बढ़ता गया और हम सभी ने रात में कलेक्टर को अपनी सभी समस्याएं बताएंने की ठान ली। जैसा प्रयास आवासीय स्कूल की छात्राओं ने बताया।
  3. क्यों परेशान हैं छात्राएं

    पीईटी, पीएमटी, नीट और आईआईटी के योग्य शिक्षक नहीं हैं।  जैसे ही शिक्षक बच्चियों का सपोट करने लगते हैं प्रिंसिपल उन्हें निकाल देती हैं। बैठने को बेंच नहीं है।  एक हफ्ते में एक घंटे मोबाइल मिलता था वो भी बंद कर दिया है।  सबस बड़ी परेशानी मैडम का व्यवहार बहुत खराब है।खाने में कीड़े को लेकर हंगामा हुआ था
    दो अगस्त को भी स्कूल में हंगामा हुआ था। उस समय भोजन में कीड़े मिलने से नाराज छात्रों ने हंगामा किया था। तब अधीक्षिका मंजु लता को हटा दिया था। इसके बाद नई अधीक्षिका रोशनी पाल को बनाया गया है।

  4. रात 12 बजे ही छात्राओं ने कर ली थी पूरी तैयारी

    केंद्र सरकार ने बिलासपुर में प्रयास आवासीय विद्यालय 2014 में खोला। पहले यह स्कूल बैगा परिसर जरहाभाठा में था। 25 अगस्त से नई बिल्डिंग रमतला में शिफ्ट किया। यहां 240 बच्चियां पढ़ रही हैं। यूं तो 21 लोगों का स्टॉफ है लेकिन रात में बच्चियों की देखरेख के लिए अधीक्षिका रोशनी और दो महिला गार्ड मनीषा और पूजा रहती हैं। बच्चियां पहले से ही मैडम की प्रताड़ना से परेशान थीं। सोमवार को छात्राओं की तबीयत बिगड़ने की जानकारी होने के बाद भी मैडम नहीं पहुंचीं तो छात्राओं को गुस्सा और बढ़ गया। उन्होंने ठान लिया कि अब पूरी समस्याएं कलेक्टर को बताएंगे।

  5. रात 12 बजे सभी बच्चियों ने प्लान किया और सुबह 4.30 सब बच्चियां जाग गईं। एक बच्ची गार्ड के पास गई और कहा कि फिर तबीयत खराब हो गई है। जैसे की गार्ड मनीषा और पूजा कमरे में गईं तो उनके हाथ-पैर को छात्राओं ने रस्सी से बांध दिया और उन्हें कमरे में बंद कर बाहर की ओर चल पड़ीं। अधीक्षिका मैडम ने रोका ताे छात्राओं ने उन्हें दूर रहने को कहा। मेन गेट तक पहुंची ही थीं कि प्रिंसिपल मैडम वहां पहुंच गईं। उन्होंने छात्राओं को रोका। नहीं रुकीं तो धमकी दी कि मैं मुत्हें बताऊंगी। छात्राओं ने किसी की नहीं सुनी और सीधे कलेक्टोरेट पहुंची और कलेक्टर को पूरी समस्याएं बताईं। आश्वासन के ही लौटीं।
  6. सवाल संजय अलंग, कलेक्टर बिलासपुर
     बच्चियां आपके पास उम्मीद लेकर आईं थी, आप अब क्या कार्रवाई करेंगे? वो शिकायत ही नहीं थी। सुविधाओं में सुधार के लिए आईं थीं।
    प्रिंसिपल मैडम को हटाने को लेकर कोई शिकायत थी बच्चियों की? ऐसी कोई शिकायत नहीं है।
    तो उनकी क्या मांग थी? शैक्षणिक सुधार की मांग की है। मैडम के व्यवहार में सुधार चाहती हैं।
     तो अब आप क्या कार्रवाई करेंगे? हमारे लाेग लगे हैं। जो कमियां होंगी उन्हें दूर की जाएंगी।
  7. बच्चियां मोबाइल रखना चाहती हैं। मैडम उन्हें रोक रही हैं। दूसरा कारण है कि मैडम उन्हें डांटती ज्यादा हैं। जो मुझे अभी समझ में आया है। इसी कारण बच्चियों ने हंगामा किया।