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पूजा-पाठ / पितृ पक्ष, एकादशी और बुधवार का योग, विष्णुजी के साथ ही गणेशजी पूजा के लिए शुभ दिन

इंदिरा एकदाशी की शाम तुलसी के पास जलाएं दीपक, किसी जरूरतमंद को धन और अनाज का दान करें

बुधवार, 25 सितंबर को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी है। अभी पितृ पक्ष चल रहा है और इस पक्ष में आने वाली एकादशी को इंदिरा एकादशी कहा जाता है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार पितृ पक्ष, बुधवार और एकादशी का योग बहुत ही शुभ है। इस योग में की गई पूजा-पाठ जल्दी ही शुभ फल प्रदान कर सकती है। यहां जानिए इस दिन कौन-कौन से शुभ काम किए जा सकते हैं…

  1. एकादशी पर स्नान के बाद पितरों के लिए धूप-ध्यान करें। श्राद्ध, पिंडदान और तर्पण करें। इस दिन खासतौर पर संन्यासियों के लिए श्राद्ध कर्म किए जाते हैं। पितरों के लिए काले तिल का दान करें।
  2. इंदिरा एकादशी और बुधवार के योग में गणेशजी की विशेष पूजा जरूर करें। भगवान गणपति को दूर्वा 21 की गांठ चढ़ाएं। श्री गणेशाय नम: मंत्र का जाप करें। मोदक का भोग लगाएं। गणेशजी के साथ ही शिव-पार्वती की भी पूजा करें।
  3. एकादशी पर भगवान विष्णु के लिए पूजा-पाठ और व्रत करने की परंपरा है। इस दिन भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा करें। दक्षिणावर्ती शंख में केसर मिश्रित दूध भरकर अभिषेक करें। विष्णु-लक्ष्मी की एक साथ पूजा करने पर घर में सुख-समृद्धि बढ़ सकती है।
  4. पितृ पक्ष और एकादशी के योग में शाम को देवी तुलसी के पास दीपक जलाएं। परिक्रमा करें। ध्यान रखें सूर्यास्त के बाद तुलसी को स्पर्श नहीं करना चाहिए।
  5. सूर्यास्त के बाद शिवलिंग के पास घी का दीपक जलाएं और ऊँ सांब सदाशिवाय नम: मंत्र का जाप करें। मंत्र जाप कम से कम 108 बार करें। मंत्र जाप के लिए रुद्राक्ष की माला का उपयोग करना चाहिए।
  6. किसी हनुमान मंदिर जाएं और चमेली के तेल का दीपक जलाकर हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें।

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