Monday, March 9, 2026
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उपलब्धि / नौसेना में शामिल हुई आईएनएस खंडेरी सबमरीन, समुद्र में लगातार 45 दिन तक रहने की क्षमता

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और नेवी प्रमुख की मौजूदगी में आईएनएस खंडेरी नौसेना में शामिल हुई

आईएनएस खंडेरी गहरे समुद्र में बिना शोर किए 12 हजार किमी तक सफर कर सकती है

मुंबई. भारत की दूसरी स्कॉर्पीन क्लास सबमरीन आईएनएस खंडेरी आज नौसेना में शामिल हो गई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीफ ऑफ नेवल स्टाफ की मौजूदगी में आईएनएस खंडेरी के साथ पी-17ए वर्ग के पहले युद्धपोत आईएनएस नीलगिरी और युद्धपोतों को खड़ा करने के लिए ड्रायडॉक का भी आज मुंबई नेवल डाॅकयार्ड पर उद्घाटन किया गया।

40 से 45 दिन तक पानी में रहने और एक बार में 12 हजार किमी की दूरी तय करने की क्षमता वाली यह पनडुब्बी 350 मीटर की गहराई तक उतर सकती है। सबमरीन में आधुनिक एंटी-सरफेस, एंटी सबमरीन हथियार मौजूद हैं। इसके अलावा खुफिया जानकारी इकट्ठा करने और सर्विलांस के लिए बेहद तेज संचार उपकरण भी लगाए गए हैं, जिससे दुश्मनों की साजिशों का तुरंत पता लगाया जा सकेगा।

नौसेना की ताकत में होगा इजाफा
वाइस एडमिरल जी अशोक कुमार के मुताबिक, खंडेरी के नौसेना में शामिल होने और नीलगिरी की लॉन्चिंग के साथ नौसेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी। उन्होंने बताया कि लॉन्चिंग कार्यक्रमों के बाद रक्षा मंत्री शनिवार शाम से लेकर रविवार दोपहर तक आईएनएस विक्रमादित्य पर नौसेना का अभ्यास देखेंगे। इसमें मिसाइल फायरिंग से लेकर समुद्र के ऑपरेशन भी शामिल होंगे।

2009 से बन रही है आईएनएस खंडेरी
खंडेरी पनडुब्बी का निर्माण मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड में 7 अप्रैल 2009 को शुरू हुआ था। 12 जनवरी 2017 क इसे लॉन्च किया गया और इसका नामकरण हुआ। 1 जून 2017 से इसका समुद्री परीक्षण शुरू हुआ। सितंबर 2019 तक कड़े समुद्री परीक्षण और सभी प्रकार के हथियारों की टेस्टिंग होने के बाद 19 सितंबर को खंडेरी को नौसेना को सौंपा गया।

आईएनएस खंडेरी में 750 किग्रा वजन की 360 बैटरियां
आईएनएस खंडेरी में तैनात इलेक्ट्रिक ऑफिसर कमांडर सुजीत कुमार यादव ने बताया कि इस पनडुब्बी में कुल 360 बैटरी हैं। इसमें से प्रत्येक बैटरी का वजन 750 किग्रा है। उन्होंने बताया कि इसमें लगी परमानेंटली मैग्नेटाइज्ड प्रपुल्शन मोटर इसी कई विशेषताओं में से एक है। इसकी वजह से यह पनडुब्बी समुद्र में एकदम साइलेंट रहती है, जिससे दुश्मन देश को पता ही नहीं चलेगा कि उसके समुद्री इलाके में कोई पनडुब्बी है। इसके अलावा 1250 किलोवाट के दो डीजल इंजन भी हैं। इसमें 6 टॉरपीडो ट्यूब लगे हैं। इसमें से 2 ट्यूब से मिसाइल भी दागी जा सकती है। इसके भीतर कुल 12 टॉरपीडो रखने की व्यवस्था है।

आईएनएस खंडेरी की खासियत

  • इसकी लंबाई लगभग 67.5 मीटर और चौड़ाई 12.3 मीटर है।
  • समुद्र में 350 मीटर की गहराई तक गोता लगाने की क्षमता।
  • यह पनडुब्बी 12 हजार किमी की दूरी तक गहरे समुद्र में सफर कर सकती है। प्रोजेक्ट-75 के तहत देश के भीतर बनी स्कॉर्पीन श्रेणी की आईएनएस खंदेरी दूसरी पनडुब्बी है।
  • स्कॉर्पीन श्रेणी की बनी पहली पनडुब्बी आईएनएस कलवरी है।
  • आईएनएस खंडेरी समुद्र के अंदर पानी में लगभग 20 समुद्री मील और पानी के ऊपर 11 समुद्री मील की रफ्तार से चलने में सक्षम है।
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