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छत्तीसगढ़: प्रदेश में अब 22 लघु वनोपजों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर होगी खरीदी : वनवासियों द्वारा 950 करोड़ रूपए मूल्य के 22 लघु वनोपजों का संग्रहण…

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के अनुमोदन उपरांत राज्य शासन द्वारा प्रदेश में वर्ष 2019-20 में 15 लघु वनोपजों के अतिरिक्त सात लघु वनोपजों की भी खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाएगी। इस आशय का परिपत्र मंत्रालय (महानदी भवन) स्थित वन विभाग द्वारा आज जारी कर दिया गया है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी ने बताया कि इन्हें मिलाकर राज्य में अब कुल 22 लघु वनोपजों की खरीदी की जाएगी। इनमें पहले के 15 लघु वनोपजों सालबीज, हर्रा, इमली बीज सहित, चिरौंजी गुठली, महुआ बीज, कुसुमी लाख, रंगीनी लाख, कालमेघ, बहेड़ा, नागरमोथा, कुल्लू गोंद, पुवाड़, बेलगुदा, शहद तथा फूल झाडू शामिल हैं। इसके अलावा 07 लघु वनोपजों में महुआ फूल (सूखा), जामुन बीज (सूखा), कौंच बीज, धावई फूल (सूखा) करंज बीज, बायबडिंग और आंवला (बीज रहित) शामिल हैं।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ संजय शुक्ला ने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2019-20 में भारत सरकार की न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के अंतर्गत घोषित दर पर अब 15 लघु वनोपजों के अतिरिक्त सात लघु वनोपजों की खरीदी होगी। इन सात लघु वनोपजों में से महुआ फूल (सूखा) को 17 रूपए प्रति किलोग्राम की दर पर खरीदी की जाएगी।

इसी तरह जामुन बीज (सूखा) को 36 रूपए प्रति किलोग्राम, कौंच बीज को 18 रूपए प्रति किलोग्राम तथा धावई फूल (सूखा) को 32 रूपए प्रति किलोग्राम की दर पर खरीदी जाएगी। करंज बीज को 19 रूपए प्रति किलोग्राम, बायबडिंग को 81 रूपए प्रति किलोग्राम और आंवला (बीज रहित) को 45 रूपए प्रति किलोग्राम की दर पर खरीदी की जाएगी। प्रधान मुख्य वन संरक्षक तथा प्रबंध संचालक शुक्ला ने यह भी बताया कि राज्य में इन 22 लघु वनोपजों की 950 करोड़ रूपए की उपज का संग्रहण वनवासियों द्वारा किया जाता है और इसे हाट बाजारों में बिक्री के लिए लाया जाता है।

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