क्राइमदेश

NCRB की रिपोर्ट के बहाने सियासत, भाजपा सरकार से की तुलना, सत्ता पक्ष और विपक्ष के अलग-अलग दावे…

छत्तीसगढ़ में भाजपा और सत्ताधारी कांग्रेस के बीच NCRB के आंकड़ों को लेकर तकरार हो रही है। छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के आंकड़ों के हवाले भूपेश सरकार के कार्यकाल के दौरान छत्तीसगढ़ में अपराध बढ़ने के आरोप लगाए हैं, तो वहीं छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करके छत्तीसगढ़ में अपराध कम होने की बातें कही हैं। यानि कांग्रेस और भाजपा के लिए NCRB की रिपोर्ट के अपने-अपने मायने हैं।

छत्तीसगढ़ सरकार का दावा, अपराध का स्तर नीचे गिरा

छत्तीसगढ़ सरकार की तरफ से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति ने कहा गया है कि NCRB ने वर्ष 2021 में देश भर में घटित अपराधों का राज्यवार आंकड़ा जारी किया है। इन आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2018 की तुलना में वर्ष 2021 में छत्तीसगढ़ में अपराध का स्तर नीचे गिरा है और छत्तीसगढ़ देश के अन्य राज्यों की तुलना में अपराध को कम करने में बेहतर स्थान पर है।

विज्ञप्ति ने बताया गया है कि एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2018 में छत्तीसगढ़ बलात्कार के मामले में वर्ष 2018 तक छत्तीसगढ़ 5वें स्थान पर था जबकि छत्तीसगढ़ में नई सरकार बनने पर वर्ष 2021 में छत्तीसगढ़ का स्थान 11वां है। इस तरह से छत्तीसगढ़ में बलात्कार के मामलों में काफी कमी आई है। इस सूची में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र टाप के राज्यों में शामिल हैं।

भाजपा सरकार के कार्यकाल से की तुलना

छत्तीसगढ़ सरकार की प्रेस विज्ञप्ति में आगे लिखा है कि बलात्कार के प्रयास की घटनाओं में छत्तीसगढ़ एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार 2018 तक 14वें स्थान पर था जबकि 2021 में छत्तीसगढ़ ने अपनी स्थिति में सुधार किया है और ये 16वें स्थान पर है।एनसीआरबी के आंकड़े बताते हैं कि 2018 में छत्तीसगढ़ अपहरण के मामलों में 11 वें स्थान पर था और अब इसमें एक स्थान का सुधार हुआ है।

2021 के आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ 12वें स्थान पर है। छत्तीसगढ़ में डकैती जैसी बड़ी अपराधिक घटनाओं में भी कमी आई है। एनसीआरबी के आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2018 में छत्तीसगढ़ 12वें स्थान पर था जबकि 2021 में छत्तीसगढ़ की रैंक सुधरी है और वर्तमान में ये 16वें स्थान पर है।

भूपेश सरकार का दावा, अपराधों की रोकने में पाई सफलता

छत्तीसगढ़ सरकार की प्रेस विज्ञप्ति में आगे लिखा गया है कि एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार हत्या के मामले में देश में 15 वें स्थान पर था । वर्ष 2021 में भी छत्तीसगढ़ 15वें स्थान पर है। हत्या के अपराध की सूची में उत्तर प्रदेश नंबर वन पर है जबकि उसके बाद बिहार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश सूची में टाप पर हैं। हत्या का प्रयास के मामले में छत्तीसगढ़ 2018 में 17वें स्थान पर था, जबकि साल 2021 में भी वो 17 वें स्थान पर है। आंकड़ों के अनुसार यूपी चौथे स्थान पर और महाराष्ट्र 5वें स्थान पर है। इस तरह से हत्या एवं हत्या के प्रयास जैसे अपराधों पर रोक लगाने में छत्तीसगढ़ सरकार ने सफलता हासिल की है।

नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने जारी किया था यह बयान

इधर भाजपा नेता और छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने भूपेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार भूपेश बघेल के नेतृत्व में बनी है पूरा प्रदेश अपराधियों का शरणस्थली बन गया है। नीत नए अपराध घटित हो रहे हैं। चंदेल ने कहा कि कई राज्यों की तुलना में अपराध के मामले में छत्तीसगढ़ अव्वल स्थान पर है जिसके कारण प्रदेश की छवि भी धूमिल हो रही है जिसके लिए पूरी तरह से प्रदेश की कांग्रेस सरकार जिम्मेदार है।

नारायण चंदेल ने कहा अपराधों के मामले में छत्तीसगढ़ अब इतिहास रचने की ओर है। एनसीआरबी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार 2021 के आंकड़ों के मुताबिक हर 3 अनाचार के मामले दर्ज हुए हैं। बेटियों की सुरक्षा में असफल कांग्रेस सरकार को क्या शर्म नहीं आती है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते कहा कि 2019 से 2022 तक इन 3 वर्षो में 3 लाख से ज्यादा अपराधिक मामले रजिस्टर हुए है। बुजुर्गो के खिलाफ अपराधों में छत्तीसगढ़ देश में दूसरे स्थान पर है और बच्चों के खिलाफ हुए अपराध में भी भारी इजाफा हुआ है। पॉस्को एक्ट में 2361 केस दर्ज किए गए है यानी महिलाएं, बच्चे बुजुर्ग कोई सुरक्षित नहीं है। पूरी तरह से प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चौपट करने वाली कांग्रेस सरकार को अब एक दिन भी सत्ता संभालने का अधिकार नहीं है।

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