छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के मस्तूरी थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात हुई भीषण आगजनी की घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। जोंधरा चौक के पास स्थित यादव आरा मिल के पीछे बनी एक चाल में अचानक लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और करीब 9 से 10 मकानों को अपनी चपेट में लेकर उन्हें पूरी तरह राख में तब्दील कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, चोलाराम यादव की इस चाल में लंबे समय से कई किरायेदार परिवार निवास कर रहे थे। शुक्रवार रात लगभग 8 बजे एक बंद मकान से अचानक आग भड़क उठी। बताया जा रहा है कि उस मकान में रहने वाला युवक बाहर गया हुआ था। प्रारंभिक तौर पर आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन शॉर्ट सर्किट या किसी ज्वलनशील सामग्री से हादसा होने की आशंका जताई जा रही है।
आग लगते ही आसपास के लोगों ने शोर मचाकर अन्य रहवासियों को सतर्क किया, जिससे सभी परिवार समय रहते अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए। हालांकि, अफरा-तफरी के बीच किसी को भी अपने घरों से सामान निकालने का मौका नहीं मिल पाया और देखते ही देखते पूरा इलाका धुएं और ऊंची लपटों से घिर गया।
घटना की सूचना मिलते ही मस्तूरी पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और सभी मकान पूरी तरह जलकर खाक हो चुके थे। बताया जा रहा है कि मकानों की छतें कच्ची और लकड़ी की होने के कारण आग ने तेजी से फैलकर बड़े नुकसान को जन्म दिया।
इस हादसे के दौरान आसपास के लोग दहशत में रहे, क्योंकि आग के और फैलने का खतरा बना हुआ था। हालांकि दमकल विभाग की तत्परता से आग को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया, जिससे अन्य मकानों को बचा लिया गया और एक बड़ी दुर्घटना टल गई।
गनीमत रही कि इस भीषण आगजनी में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन प्रभावित परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। कई परिवारों की वर्षों की जमा-पूंजी और जरूरी सामान इस आग में जलकर खाक हो गया।
प्रशासन द्वारा शनिवार सुबह घटनास्थल का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन किया जाएगा और प्रभावितों को राहत देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। फिलहाल पूरे इलाके में इस घटना को लेकर शोक और चिंता का माहौल बना हुआ है।


