Tuesday, April 22, 2025
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शासकीय जमीन को अपने नाम चढ़वाकर धान बेचने वाले से होगी वसूली, एसडीएम वैभव कुमार क्षेत्रज्ञ ने किया फर्जी गिरदावरी करने वाला पटवारी को निलंबित…

बिलासपुर। तखतपुर के बेलपान के शासकीय जमीन को फर्जी तरीके से अपने नाम चढ़ाकर और पटवारी से मिलीभगत कर फर्जी गिरदावरी कराकर समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले से वसूली का आदेश जारी किया गया है। वही फर्जी गिरदावरी करने वाले पटवारी को एसडीएम ने निलंबित कर दिया है। बेलपान के शासकीय घास और गौचर भूमि को गांव के ही ममता त्रिपाठी और परिवार ने फर्जीवाड़ा करते हुए अपने नाम पर दर्ज करवा लिया था। साथ ही उस जमीन आधार पर शासन को समर्थन मूल्य पर धान भी बेच दिया।

दरअसल रमेश त्रिपाठी और उसके पारिवारिक सदस्यों ने बेलपान के खसरा नंबर 859/3 की गौचर भूमि के 0.9030 हेक्टेयर और खसरा नंबर 634/2 की घास भूमि से 0.8300 हेक्टेयर भूमि को षड्यंत्र पूर्वक राजस्व रिकार्ड में अपने नाम दर्ज करा लिया था। किंतु जमीन में फसल नहीं लगाने के बाद भी पटवारी से फर्जी गिरदावरी कराकर और बाहर से धान खरीदकर बेलपान उपार्जन केंद्र में 125 क्विंटल धान बेचकर शासन से लगभग पौने तीन लाख रुपए भी ले लिए। इसकी शिकायत गांव वालों ने बिलासपुर कलेक्टर और एसडीएम तखतपुर से की थी। इसकी जांच के बाद पाया गया कि सन 1995 तक दोनो खसरे की जमीन राजस्व रिकार्ड में शासकीय भूमि के रूप में दर्ज था।लेकिन इसके बाद दोनो जमीन त्रिपाठी परिवार के सदस्यों के नाम पर किस तरह चढ़ा यह जांच का विषय है। लेकिन एसडीएम तखतपुर वैभव कुमार क्षेत्रज्ञ ने प्राथमिक जांच रिपोर्ट के बाद दोनो खसरे की लगभग 7 एकड़ जमीन को वापस शासकीय मद में दर्ज करने का आदेश जारी कर दिया है। साथ ही फर्जी गिरदावरी करने वाले बेलपान पटवारी जितेंद्र कुमार ध्रुव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसी के साथ फर्जी तरीके से बाहरी धान खरीदकर समर्थन मूल्य पर बेचने वाली श्रीमती ममता त्रिपाठी से शासन से प्राप्त रकम दो लाख 75 हजार की रिकवरी करने के लिए भी आदेश दिया है।

एसडीएम वैभव कुमार क्षेत्रज्ञ ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा प्राप्त शिकायत की जांच में शासकीय जमीन को फर्जी तरीके से किसी व्यक्ति के नाम पर दर्ज होना पाया गया था साथ ही बिना फसल लगाए समर्थन मूल्य पर धान बेचने की शिकायत भी सही पाई गई है। शासकीय भूमि को पुनः शासकीय मद में दर्ज कर फर्जी तरीके धान बेचकर शासन से ली गई रकम के रिकवरी का आदेश दिया गया है। वही पटवारी को निलंबित कर दिया गया है।

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