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बिलासपुर: बृहस्पति बाजार के सब्जी दुकानदारों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी, यह प्रशासन का तानाशाही रवैया- शैलेश पांडे…

बिलासपुर। नगर निगम के द्वारा एक बार फिर शहर में छोटे सब्जी विक्रेताओ की रोजी-रोटी छीनने की तैयारी की जा रही है। बृहस्पति बाजार में नगर निगम के द्वारा दुकानदारों को हटाकर बहुमंजिला व्यवसायिक परिसर की तैयारी की जा रही है। बृहस्पति बाजार के सब्जी दुकानदार अपनी समस्या को लेकर पूर्व विधायक शैलेश पांडे से मिले।

आज शैलेश पांडे बृहस्पति बाजार सब्जी दुकानदारों से मिलकर उनकी समस्याएं जानी। पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने कहा है कि नगर निगम के द्वारा बृहस्पति बाजार में जो परिसर बनाने की योजना है वह जनहित में उचित नहीं है। पूरी तरह फेल है। अब प्रदेश में भाजपा की सरकार है और डबल इंजन की सरकार ने हमेशा गरीबों के पेट में लात मारा है। और पुरानी बस स्टैंड के बाद अब बृहस्पति बाजार में छोटे सब्जी दुकानदारों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी की जा रही है। जो रोज कमाते खाते हैं।

भाजपा की सरकार यहां तानाशाही रवैया अपना रही है। पब्लिक हित में कोई काम नहीं कर रही है। बृहस्पति बाजार को तोड़कर व्यवसाय कंपलेक्स बनाए जाने से अब बृहस्पति बाजार की सात सौ से अधिक दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो जाएगी। दुख बेरोजगारी, जान-माल खतरा दुकानदारों पर मंडरा रहा है। निगम के अधिकारियों ने सब्जी दुकानदारों को धमकाया भी जिससे सारे दुकानदार सदमे में है। पूर्व विधायक पांडे ने कहा है कि अधिकारियों ने सब्जी दुकानदारों को जो मॉडल दिखाया है वह व्यावहारिक नहीं है। दुकान भी छोटी है रास्ता भी नहीं है और महिलाएं तथा बुजुर्ग पहली मंजिल में जाकर सब्जी कैसे खरीदेंगे। उपभोक्ताओं को काफी परेशानी होगी। सब्जी दुकानदारों को बृहस्पति बाजार से हटाया जाना उचित नहीं है।

भाजपा शासन काल में पीपीपी मॉडल लागू कर शहर के प्रमुख चौक चौराहा में बेश कीमती जमीन पर भाजपा नेताओं की नजर है। आज शैलेश पांडे बृहस्पति बाजार पहुंचे और दुकानदारों के साथ यहां जायजा लिया। 2001 के पहले तक बृहस्पति बाजार में साप्ताहिक दुकान लगती थी।

छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद नगर निगम ने यहां बृहस्पति बाजार की साप्ताहिक दुकानों को बढ़ाते हुए 218 चबूतरा का निर्माण कर सब्जी बेचने के लिए दुकानदार को दिया था और उसके पहले निगम ने यहां 35 दुकान भी बृहस्पति बाजार में बनाई थी और यहां वर्तमान में कम से कम सात आठ सौ दुकानदारों का की रोजी-रोटी बृहस्पति बाजार से चल रही है और प्रशासन इन गरीबों पर फिर से बुलडोजर चलाने की तैयारी कर रहा है।

दुकानदारों ने पूर्व विधायक को बताया कि बृहस्पति बाजार में पहले साप्ताहिक बाजार लगता था लेकिन अब छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद नगर निगम ने यहां सब्जी विक्रेताओं को चबूतरा बना कर दिया था। नगर निगम के द्वारा यहां पर सब्जी दुकानदारों को हटाकर व्यवसायिक परिसर बनाने की तैयारी की जा रही है और सब्जी विक्रेताओं को अस्थाई तौर पर मिशन स्कूल के खेल मैदान में सब्जी दुकान के लिए जगह दी जा रही है जिसकी जिसका विरोध सब्जी विक्रेताओं के द्वारा किया जा रहा है। ‌

नगर निगम के द्वारा इन सभी दुकानदारों को 5 जून तक का अल्टीमेटम दिया गया है। इसके विरोध में दुकानदार लामबंद हो गए हैं। बृहस्पति बाजार व्यापारिक संघ के अध्यक्ष अनुराग केसरवानी का कहना है कि जब निगम के अधिकारी सब्जी विक्रेताओं को बुलाकर बातचीत कर रहे थे तो वह दुकानदारों को धमका रहे थे और उन्होंने यह भी कहा कि जैसा बस स्टैंड खाली कराया है वैसा बृहस्पति बाजार भी हम खाली करा लेंगे। अधिकारी धमकी दे रहे हैं।

अनुराग केसरवानी का कहना है कि मिशन स्कूल के खेल मैदान में हम दुकान कैसे लगा सकते हैं यहां तो पार्किंग भी नहीं है। पानी नहीं बिजली नहीं और रोज जाम लगेगा। यहां महिलाओं के लिए शौचालय की व्यवस्था भी नहीं है। और नगर निगम ने जो मॉडल बृहस्पति बाजार में तैयार किया है उसमें दुकानदारों के लिए जगह भी कम है। सड़क भी छोटी कर दी है और पहली मंजिल में लोग सब्जी खरीदने कैसे आएंगे सब्जी व्यापार यहां प्रभावित होगा। यहां दुकान नहीं चल सकती सब्जी भी खराब होगी। अभी तो लोग सड़क किनारे गाड़ी खड़ी करके तुरंत सब्जी लेकर चल देते हैं लेकिन परिसर बनने के बाद विक्रेता सब्जी लेने पहली मंजिल में कैसे जाएंगे बुजुर्गों को काफी परेशानी होगी।

दुकानदारों से बातचीत करते हुए पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। आज आज सब्जी बाजार विक्रेता संघ के असलम कुरैशी अनुराग के शेरवानी मुकेश महाराज राजेश साहू पंकज साहू मोहित तथा अनेक दुकानदारों ने निगम की कार्रवाई का विरोध किया है निगम ने 4 जून के बाद बृहस्पति बाजार में बुलडोजर चलाने की तैयारी की है।

मिशन स्कूल प्रबंधन ने किया विरोध
मिशन स्कूल की प्राचार्या टी पाल का कहना है कि नगर निगम ने अभी संबंध में कोई बात नहीं की है । इस स्कूल में 1400 बच्चे अध्यनरत हैं और अगर अस्थाई तौर पर यहां खेल मैदान में सब्जी दुकान लगाई जाती है तो बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी स्कूल का संचालन ठीक से नहीं हो पाएगा । बच्चों के लिए खेल का मैदान नहीं होगा तो प्रशिक्षण कैसे प्राप्त करेंगे। मिशन स्कूल प्रबंधन किसी भी हालत में स्कूल के खेल मैदान को सब्जी बाजार के लिए नहीं दे सकता। अब जल्द ही कलेक्टर से मिलकर स्कूल प्रबंधन इस संबंध में चर्चा करेगा। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि यह शहर की धरोहर है 100 साल पुराना स्कूल है। और शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा काम कर रहा है। इस स्कूल के संचालन पर इसका प्रभाव पड़ेगा। यदि स्कूल प्रांगण में सब्जी दुकान लगेगी तो यहां रोज छेड़खानी होगी । अपराध बढ़ेंगे गुंडागर्दी की घटनाएं होंगी जिससे बच्चों की पढ़ाई पर इसका बुरा असर पड़ेगा। पार्किंग की व्यवस्था भी नहीं है। खेल के मैदान में दुकान लगाया ही नहीं जा सकता। आज सब्जी व्यापारियों ने भी मिशन स्कूल खेल मैदान में अस्थाई दुकान लगाने पर विरोध जताया।

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