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राजनीति

छत्तीसगढ़ सतनाम महासंघ ने नगर पालिका कार्यालय तखतपुर का किया घेराव…पांच दिन के अंदर मांग नही मानी तो, दिया उग्र आंदोलन की चेतावनी…

छत्तीसगढ़ सतनाम महासंघ के जिला अध्यक्ष बिहारी सिंह टोडर ने बताया कि तखतपुर शहर के नया बस स्टैंड सतनाम भवन के पास मछली बाजार...

तखतपुर। छत्तीसगढ़ सतनाम महासंघ के जिला अध्यक्ष बिहारी सिंह टोडर ने बताया कि तखतपुर शहर के नया बस स्टैंड सतनाम भवन के पास मछली बाजार लगायी जा रही है जहां पर सतनामी समाज का आस्था का केंद्र सतनाम भवन स्थापित है और वहां पर अधिकतर सतनामी समाज के लोग पूजा पाठ एवं सामाजिक बैठक जैसे कार्यक्रम अधिकांश मात्रा में करते हैं किंतु वहां पर मछली बाजार लगने के कारण बदबू उत्पन्न होता है और बरसात लग जाने के बाद और भी ज्यादा बदबू उतपन होगी, जिससे बैठक एवं पूजा पाठ के दौरान समस्या उत्पन्न होती है और बाद में ज्यादा होंगी जिसके कारण समाज में रोष व्याप्त है।

सतनाम भवन के साथ के साथ उसी जगह पर पटेल समाज का सामुदायिक भवन, सीख समाज का सामुदायिक भवन, मेहर समाज का सामुदायिक भवन भी स्थापित है, जिससे उन लोगों को भी कार्यक्रम व बैठक के दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ता होगा, मछली बाजार को हटाने की मांग को लेकर दिनांक 25- 5-2024 को एसडीम तखतपुर को एक ज्ञापन छत्तीसगढ़ सतनाम महासंघ द्वारा सौपा गया था, किंतु आज दिनांक तक मछली बाजार को उस जगह से हटाकर अन्य जगह स्थानांतरित नहीं किया गया है।

जिसके कारण आज छत्तीसगढ़ सतनाम महासंघ के पदाधिकारी एवं सतनामी समाज के लोगों के द्वारा नगर पालिका कार्यालय तखतपुर का घेेराव किया गया एवं तत्काल सतनाम भवन के पास से मछली बाजार को हटाने की मांग किया गया, मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने पांच दिवस के अंदर उसे हटाने का आश्वासन दिया है यदि पांच दिवस के अंदर नहीं हटाया गया तो सतनामी समाज उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

घेराव कार्यक्रम में मुख्य रूप से- संजीव खांडे- प्रदेश उपाध्यक्ष, बिहारी सिंह टोडर -जिलाध्यक्ष- छत्तीसगढ़ सतनाम महासंघ, संदीप खांडे संभाग अध्यक्ष- अखिलेश कोसले ब्लॉक अध्यक्ष, प्रशांत अनंत- कार्यकारी ब्लॉक अध्यक्ष, होरीलाल माथुर प्रदेश कोषाध्यक्ष सरपंच संघ, शालेंद्र आहूजा नगर अध्यक्ष, अनिल टंडन, विवेकानंद दिनकर, सुनील जांगड़े, कोमल दिनकर, कृष्णा जांगड़े- जिला सचिव, सुनील जांगड़े, आदर्श बंजारे,रामकुमार कुर्रे, डीप सिंह दिनकर, कौशल माथुर, श्याम प्रकाश टंडन, कमल खुते, श्यामसुंदर खुटे, कोमल टोडर, अनुराग बंजारे, दीपक लहरे, राम लोचन बंजारे, सत्या भारद्वाज, उमेश कुमार, कैलाश, मोतीचंद, रोशन रज्जू, सूर्यकांत बंजारे, शिव कुर्रे, अमृत डहरिया, सुखचंद कुर्रे, सीताराम बंजारे, मनोज चंदेल, निखिल बंजारे, उदय आहूजा, रूपेंद्र टंडन, ऋषभ आहूजा, हेमंत कुर्रे, कमल घृतलहरे, नरेंद्र कुमार दिनकर, अभिषेक, आंचल, विजय सिंह लहरे, रज्जू दिवाकर, सूरज, रूपेंद्र टंडन सहित सैकड़ों की संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।

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