बिलासपुर। रेलवे प्रशासन लगातार अपनी अधोसंरचना में सुधार के प्रयास कर रहा है ताकि यात्रियों को सुविधाजनक, समयबद्ध और तेज़ यात्रा अनुभव मिल सके। इसी दिशा में उत्तर मध्य रेलवे के झांसी रेल मंडल के ग्वालियर-वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी जंक्शन सेक्शन में तीसरी रेलवे लाइन जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। यह महत्वपूर्ण कार्य 19 और 20 दिसंबर 2024 को किया जाएगा। इसके परिणामस्वरूप कुछ यात्री गाड़ियों के परिचालन में अस्थायी बदलाव होंगे।
तीसरी रेलवे लाइन जोड़ने के फायदे
यह परियोजना रेल यात्रा को तेज़ और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। तीसरी लाइन जुड़ने से गाड़ियों की गति में बढ़ोतरी होगी, और परिचालन की समयबद्धता में सुधार आएगा। बढ़ती यात्री संख्या और रेल यातायात के दबाव को कम करने के लिए यह एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
परिवर्तित मार्ग से चलने वाली गाड़ियां
कार्य की अवधि में कुछ गाड़ियों का परिचालन परिवर्तित मार्ग से किया जाएगा।
1. 12808 निज़ामुद्दीन-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस
– दिनांक: 20 दिसंबर 2024
– परिवर्तित मार्ग: मथुरा-बयाना-सोगरिया-रुठियाई जंक्शन-बीना
2. 18238 अमृतसर-कोरबा छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस
– दिनांक: 19 दिसंबर 2024
– परिवर्तित मार्ग: ग्वालियर-गुना-बीना
यात्रियों से अपील
रेलवे प्रशासन ने इस असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है और यात्रियों से सहयोग की अपेक्षा की है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा योजना के अनुसार अपडेट रहें और किसी भी असुविधा से बचने के लिए रेलवे के सूचना प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी रखें।
तीसरी रेलवे लाइन का जुड़ना उत्तर मध्य रेलवे के परिचालन को और बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह न केवल यात्रियों को तेज़ और सुविधाजनक सेवा प्रदान करेगा, बल्कि रेलवे के क्षमता विस्तार की ओर एक अहम योगदान भी देगा। हालांकि, इसके चलते यात्रियों को थोड़ी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन यह असुविधा दीर्घकालिक लाभ के लिए जरूरी है।