बिलासपुर, रतनपुर: थाना रतनपुर पुलिस को दो वर्षों से फरार चल रहे कोयला अफरा-तफरी के आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। आरोपी रमाकांत मौर्य उर्फ रोमी मौर्य, जो मौर्या कोल डिपो का संचालक है, पर उच्च गुणवत्ता के कोयले की हेराफेरी करने का आरोप था।
फिल कंपनी के मैनेजर संतोष सिंह ने थाना रतनपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि गेवरा खदान से कोयला लोड कर घुटकु कोल वाशरी के लिए भेजा गया था। लेकिन ट्रेलर चालक बसंत कुमार ने अपने मालिक शारदा राठौर, मौर्या कोल डिपो के मालिक रोमी मौर्य, सुपरवाइजर अजय कुमार सिंह और लोचन रजक के साथ मिलकर ट्रेलर को मौर्या कोल डिपो, मोहतराई में खाली कर दिया। इसके बाद उच्च गुणवत्ता के कोयले को हटाकर उसमें खराब गुणवत्ता का मिश्रित कोयला लोड कर घुटकु कोल वाशरी भेजा गया।
इस रिपोर्ट के आधार पर थाना रतनपुर में अपराध क्रमांक 504/2022 और 533/2022 के तहत धारा 407, 411, 34 भादवि के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया।
अन्य आरोपी पहले ही गिरफ्तार
इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों – वाहन चालक बसंत कुमार, वाहन मालिक शारदा राठौर, सुपरवाइजर अजय कुमार सिंह और लोचन रजक को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया था। लेकिन मौर्या कोल डिपो का संचालक रमाकांत मौर्य उर्फ रोमी मौर्य घटना के बाद से ही फरार था, जिसे पकड़ने के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी।
कैसे हुई गिरफ्तारी?
रतनपुर थाना प्रभारी नरेश कुमार चौहान को सूचना मिली कि फरार आरोपी रमाकांत मौर्य अपने घर पर मौजूद है। उन्होंने इस सूचना को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया और निर्देश प्राप्त कर पुलिस टीम के साथ दयालबंद, बिलासपुर में दबिश दी। वहां से आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने कोयला अफरा-तफरी की घटना में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस टीम की अहम भूमिका
इस गिरफ्तारी में थाना प्रभारी निरीक्षक नरेश कुमार चौहान, प्रधान आरक्षक सत्यप्रकाश यादव और आरक्षक विजेंद्र रात्रे की अहम भूमिका रही। पुलिस टीम की इस कार्रवाई से कोयला तस्करी के नेटवर्क पर एक और बड़ा प्रहार हुआ है।
कोयला अफरा-तफरी के इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी रमाकांत मौर्य को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई पुलिस की सतर्कता और अपराधियों पर लगातार रखी जा रही निगरानी का नतीजा है। ऐसे मामलों में पुलिस की सख्ती से कोयला तस्करी जैसी अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।


