बिलासपुर: शहर में बढ़ते मोबाइल चोरी और अवैध खरीद-बिक्री के मामलों को रोकने के लिए पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह द्वारा “ऑपरेशन प्रहार” अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई की गई। इस अभियान के अंतर्गत तोरवा पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 3177 चोरी के मोबाइल फोन और उनके पार्ट्स जब्त किए हैं।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) राजेन्द्र जायसवाल और नगर पुलिस अधीक्षक (कोतवाली) अक्षय प्रमोद सबद्रा के मार्गदर्शन में तोरवा थाना प्रभारी निरीक्षक अभय सिंह बेस ने एक विशेष टीम गठित कर चोरी के मोबाइल की खरीद-बिक्री पर कड़ी नजर रखी। इसी दौरान, पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ओवर ब्रिज हेमूनगर के पास दो व्यक्ति चोरी के मोबाइल खरीदने और बेचने के उद्देश्य से खड़े हैं।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर दोनों व्यक्तियों को पकड़ लिया। पूछताछ में उन्होंने अपना नाम तौफीक खान (28) निवासी चुचुहियापारा गणेशनगर और नीमचंद विश्वास (24) निवासी बड़गंगा, पश्चिम बंगाल बताया। आरोपियों के पास चार प्लास्टिक की बोरियों में विभिन्न कंपनियों के कुल 3177 मोबाइल फोन और बड़ी मात्रा में मोबाइल पार्ट्स मिले। जब उनसे इन मोबाइल फोन और पार्ट्स के वैध दस्तावेज मांगे गए, तो वे प्रस्तुत नहीं कर सके, जिससे चोरी की संपत्ति होने का संदेह मजबूत हुआ।
आरोपियों के विरुद्ध 35(ई), बीएनएसएस / 317(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। प्राथमिक जांच के अनुसार, इन मोबाइल फोनों को अन्य स्थानों से चोरी कर लाया गया था और बिलासपुर में बेचे जाने की योजना थी। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या इस गिरोह में अन्य लोग भी शामिल हैं।
“ऑपरेशन प्रहार” अभियान के तहत बिलासपुर पुलिस लगातार अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई कर रही है। चोरी के मोबाइल की खरीद-बिक्री के इस बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ कर पुलिस ने न सिर्फ चोरी की संपत्ति बरामद की है बल्कि शहर में बढ़ रहे इस तरह के अपराधों पर भी कड़ा प्रहार किया है।


