Thursday, January 15, 2026
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बिलासपुर पुलिस ने ज़मीन की फर्जी रजिस्ट्री कर 1.75 करोड़ की धोखाधड़ी करने वाला आरोपी विकास को किया गिरफ्तार…

बिलासपुर। सिविल लाइन पुलिस ने ज़मीन की फर्जी कूटरचित दस्तावेज तैयार कर 1 करोड़ 75 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले मुख्य आरोपी विकास मांझी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ज़मीन की मूल रजिस्ट्री, ऋण पुस्तिका, कोरा चेक, बैंक के दस्तावेज समेत अन्य फर्जी कागजात बरामद किए हैं। न्यायालय में पेशी के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

शिकायतकर्ता यतिंद्र बर्मन, निवासी अलका एवेन्यू, उसलापुर, ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि आरोपी विकास मांझी और उसके साथियों ने षड्यंत्रपूर्वक विजय लक्ष्मी शर्मा और रामेश्वर पांडेय के नाम पर मौजा अमेरी (प.ह. नं. 43, गौरव पथ, रिंग रोड-02) स्थित भूमि (खसरा नं. 448/11/ग एवं 448/37/ग) को अमरचंद बर्मन को 1.75 करोड़ रुपये में बेच दिया।

बाद में जब शिकायतकर्ता को पैसों की जरूरत पड़ी और उन्होंने जमीन को पुनः बेचने के लिए ग्राहक तलाशना शुरू किया, तो पता चला कि उक्त ज़मीन की रजिस्ट्री फर्जी थी और असल में वह ज़मीन भूमिहीन निकली। इस धोखाधड़ी की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने सिविल लाइन थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) राजेंद्र जायसवाल एवं नगर पुलिस अधीक्षक (सिविल लाइन) निमितेश सिंह के मार्गदर्शन में सिविल लाइन पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की।

जांच के दौरान आरोपी विकास मांझी (52 वर्ष), निवासी गीतांजलि बिहार, श्रीराम केयर अस्पताल के पीछे, थाना सिविल लाइन, बिलासपुर के घर पर छापा मारा गया। तलाशी के दौरान पुलिस ने मूल रजिस्ट्री दस्तावेज, ऋण पुस्तिका, कोरा चेक (विजय लक्ष्मी शर्मा के नाम से हस्ताक्षरित), और अन्य बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए।

आरोपी को 13 मार्च 2025 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

मामले की जांच और आरोपी की गिरफ्तारी में सिविल लाइन थाना प्रभारी एस.आर. साहू, उपनिरीक्षक चंद्रकांत डहरिया, सहायक उपनिरीक्षक भानु पात्रे, प्रधान आरक्षक हरप्रसाद डहरिया, आरक्षक आशीष वर्मा, देवेंद्र शर्मा, विकास श्रीवास, और महिला आरक्षक सुनीता मंडावी एवं ओमकुमारी वैष्णव की अहम भूमिका रही।

बिलासपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि जमीन खरीदते समय सभी दस्तावेजों की अच्छी तरह से जांच करें और ज़रूरत पड़ने पर वकील या कानूनी विशेषज्ञ से सलाह लें। किसी भी संदिग्ध लेन-देन की स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करें ताकि समय रहते फर्जीवाड़े को रोका जा सके।

सिविल लाइन पुलिस की त्वरित कार्रवाई से एक बड़े ज़मीन घोटाले का पर्दाफाश हुआ और मुख्य आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया। मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तलाश जारी है। इस तरह के मामलों से बचने के लिए नागरिकों को सतर्क रहने और ज़मीन संबंधी दस्तावेजों की पूरी जांच करने की आवश्यकता है।

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