Saturday, August 30, 2025
Homeक्राइम17 चाकू वार… मौत के मुहाने से लौटा 19 साल का युवक,...

17 चाकू वार… मौत के मुहाने से लौटा 19 साल का युवक, सिम्स के डॉक्टरों ने लिखी जिंदगी की नई कहानी…

बिलासपुर, 12 अगस्त।
कहते हैं कि डॉक्टर भगवान का दूसरा रूप होते हैं, और बिलासपुर के सिम्स (छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान) के डॉक्टरों ने इसे एक बार फिर साबित कर दिया। मामूली कहासुनी का अंजाम 17 बेरहम चाकू वार में निकला, और 19 वर्षीय युवक मौत के दरवाज़े तक जा पहुंचा। लेकिन डॉक्टरों की जद्दोजहद ने उसकी सांसें थामने नहीं दीं।

घटना चोरभट्टी के पास हुई, जहां एक विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। आरोपी ने युवक के सीने, पेट और शरीर के कई हिस्सों पर ताबड़तोड़ 17 बार चाकू से वार कर दिए। खून से लथपथ युवक को गंभीर हालत में सिम्स लाया गया।

सांसें टूट-टूटकर चल रहीं थीं…

जब उसे इमरजेंसी में लाया गया, तो हालत बेहद नाज़ुक थी—

  • छाती में गहरे घाव, जिससे फेफड़े फट चुके थे।
  • त्वचा के नीचे हवा भर चुकी थी
  • पेट के अंदरूनी अंग कट चुके थे

एक सेकंड की देरी उसकी जिंदगी खत्म कर सकती थी।

ऑपरेशन थियेटर में जीवन संग्राम

इमरजेंसी में तैनात असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विनोद तामकनंद और पीजी डॉक्टर गरिमा ने बिना समय गंवाए सर्जरी शुरू की। एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. भावना रायजादा, डॉ. शीतल, डॉ. प्राची और नर्सिंग स्टाफ की सिस्टर मीना ने मिलकर ऑपरेशन को अंजाम दिया।

कई घंटे चले इस ऑपरेशन में—

  • कटी हुई आंत को जोड़ा गया।
  • फटे डायफ्राम की मरम्मत की गई।
  • फेफड़ों को सांस लेने लायक बनाया गया।

इस दौरान सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने हर ज़रूरी दवा और उपकरण तत्काल उपलब्ध करवाए।

मौत को मात

लंबी जद्दोजहद के बाद ऑपरेशन सफल हुआ और युवक ने होश में आते ही फिर से जिंदगी को महसूस किया। आज वह पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुका है और नई जिंदगी की शुरुआत करने को तैयार है।

यह कहानी सिर्फ एक मेडिकल केस नहीं, बल्कि साहस, टीमवर्क और मानवीय संवेदनाओं की मिसाल है—जहां 17 चाकू वार के बाद भी जिंदगी जीत गई, क्योंकि कुछ लोग हार मानना जानते ही नहीं।

spot_img

AD

spot_img

advertisement

spot_img
RELATED ARTICLES

Recent posts

error: Content is protected !!
Latest