बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में मंगलवार को तोमर बन्धुओं की जमानत याचिका पर महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश की बेंच में हुई, जहाँ अदालत ने रायपुर पुलिस अधीक्षक (एसपी) को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर व्यक्तिगत शपथपत्र (एफिडेविट) प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
तोमर बन्धुओं के खिलाफ रायपुर में सूदखोरी (मनीलेंडिंग) से जुड़े सात आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इन्हीं मामलों को लेकर दोनों ने हाईकोर्ट की शरण ली और अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने एसपी रायपुर से इन प्रकरणों पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है ताकि अदालत तथ्यों के आधार पर आगे की कार्यवाही तय कर सके।
गौरतलब है कि प्रदेशभर में सूदखोरी के मामलों पर पुलिस की सख्ती के बीच तोमर बन्धुओं का नाम कई बार सुर्खियों में आ चुका है। अब हाईकोर्ट की इस सुनवाई के बाद यह मामला और गंभीर हो गया है, क्योंकि अदालत ने सीधे पुलिस अधीक्षक को जवाबदेही के दायरे में लिया है।
अगली सुनवाई में एसपी रायपुर द्वारा प्रस्तुत शपथपत्र पर ही तोमर बन्धुओं की जमानत याचिका का भविष्य टिका होगा।