बिलासपुर। ज़िले के तखतपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल व्यवस्था का चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि अस्पताल में बिजली न होने की स्थिति में मोबाइल की टॉर्च और मोमबत्ती जलाकर मरीजों का इलाज किया जा रहा है। स्वास्थ्य जैसी गंभीर सुविधा पर इस तरह की लापरवाही ने प्रशासन की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारों की संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वीडियो में यह भी देखा गया कि गंभीर प्रसूताओं और नवजात बच्चों का इलाज अंधेरे में किया जा रहा था। बिजली न होने और बैकअप व्यवस्था के अभाव में अस्पताल स्टाफ ने टॉर्च और मोमबत्ती का सहारा लिया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की स्थिति नवजात और गर्भवती महिलाओं के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना के समय अस्पताल का जिम्मेदार स्टाफ भी मौके से नदारद था। यही वजह रही कि मरीजों को और उनके परिजनों को खुद मोमबत्तियां जलाकर इलाज कराने की मजबूरी झेलनी पड़ी। यह न केवल कर्तव्यहीनता है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति घोर उदासीनता भी दर्शाता है।
अस्पताल की अव्यवस्था और लापरवाही को देखकर स्थानीय नागरिकों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। बताया जा रहा है कि यह वीडियो 17 अगस्त का है। वीडियो सामने आने के बाद से ही स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।
अब तक इस मामले में स्वास्थ्य विभाग या जिला प्रशासन की ओर से कोई ठोस बयान सामने नहीं आया है। वहीं, आम जनता का कहना है कि तखतपुर जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र में इस तरह की स्थिति होना चिंताजनक है और तत्काल सुधार की जरूरत है।
बड़ा सवाल
वीडियो के वायरल होने के बाद बड़ा सवाल यह है कि जब ग्रामीण अंचल के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ही एकमात्र सहारा होते हैं, तो वहां इस तरह की लचर व्यवस्था से लोगों का भरोसा स्वास्थ्य तंत्र पर कैसे बना रहेगा?