बिलासपुर। नगर निगम बिलासपुर वार्ड क्रमांक 5 की महिला पार्षद गायत्री साहू के खिलाफ दर्ज प्रकरण को लेकर राजनीति तेज हो गई है। मंगलवार को गायत्री साहू ने अपने वार्डवासियों के साथ बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर विकास भवन का घेराव किया था। इस दौरान नागरिकों ने प्रतीकात्मक मटकी फोड़ आंदोलन कर अपनी नाराजगी जताई और निगम प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा।
लेकिन, आंदोलन के तुरंत बाद ही निगम प्रशासन द्वारा महिला पार्षद एवं ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ साहू के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर दिया गया। इस कार्रवाई की जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण व शहर) ने कड़ी निंदा की है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा शासित निगम प्रशासन लोकतांत्रिक मूल्यों का दमन कर रहा है और कांग्रेसी पार्षदों की उपेक्षा कर उनके वार्डों की अनदेखी कर रहा है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी और शहर कांग्रेस अध्यक्ष विजय पांडेय ने संयुक्त बयान जारी कर कहा –
“लोकतंत्र में धरना-प्रदर्शन और आंदोलनों के माध्यम से अपनी मांग रखना हर नागरिक का अधिकार है। लेकिन बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली भाजपा सरकार के शासन में, उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव और केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू के गृह क्षेत्र में, उन्हीं के समाज की महिला पार्षद को निशाना बनाया जा रहा है। यह नारी सशक्तिकरण की खुली अवमानना है।”
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि निगम प्रशासन का यह रवैया पूरी तरह द्वेषपूर्ण है और भाजपा महापौर अपने राजनीतिक पूर्वाग्रह के चलते कांग्रेसी पार्षदों के वार्डों की समस्याओं को अनदेखा कर रही हैं।
जिला कांग्रेस कमेटी ने ऐलान किया है कि इस प्रकरण के विरोध में जल्द ही कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया जाएगा। इसके लिए ग्रामीण और शहरी कांग्रेस कमेटी की संयुक्त बैठक बुलाई जाएगी जिसमें जिलेभर से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पार्षद शामिल होंगे।
इस घटना के बाद बिलासपुर की राजनीति में गरमाहट बढ़ गई है। एक ओर कांग्रेस इसे नारी सशक्तिकरण पर हमला बता रही है, वहीं भाजपा की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।