बिलासपुर। नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में चर्चित पत्रकार हत्याकांड मामले में आरोपी रहे ठेकेदार सुरेश चंद्राकर को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सड़क निर्माण का करोड़ों का ठेका रद्द किए जाने और सुरक्षा निधि जब्त करने के खिलाफ दायर उनकी याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है।
मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और उनकी डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान साफ किया कि यह मामला कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ा विवाद है और अनुबंध की धारा 28 के अनुसार इसका निपटारा अरबिट्रेशन प्रक्रिया से होगा। अदालत ने कहा कि इस स्तर पर सीधे हस्तक्षेप की कोई आवश्यकता नहीं है।
सुरेश चंद्राकर ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से याचिका लगाते हुए कहा था कि ठेका रद्द करना, 37 लाख रुपए की सुरक्षा निधि जब्त करना और 10% जुर्माना लगाना अनुचित है। इसके अलावा उन्होंने 2.58 करोड़ रुपए के अधूरे सड़क निर्माण कार्य को पूरा करने की अनुमति की मांग भी की थी।
यह ठेका नेलसनार–फोडोली–मिरतुर–गंगलूर रोड निर्माण कार्य से जुड़ा हुआ था, जो लंबे समय से विवादों में रहा है। अदालत ने याचिका खारिज करते हुए याचिकाकर्ता को यह छूट दी है कि वह अनुबंध के तहत उपलब्ध उपायों या अन्य वैधानिक रास्तों का सहारा ले सकता है।
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अब ठेकेदार को अपने दावे को साबित करने और राहत पाने के लिए अरबिट्रेशन या अन्य कानूनी प्रक्रिया का सहारा लेना होगा।