बिलासपुर। ऑनलाइन निवेश के नाम पर आम लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए रेंज साइबर थाना बिलासपुर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स के आधार पर मध्यप्रदेश के इंदौर जिले के महू क्षेत्र से गिरोह के चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज डॉ. संजीव शुक्ला (भा.पु.से.) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के निर्देशन में की गई।
थाना सिविल लाइन बिलासपुर में अल्पना जैन नामक महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपियों ने उसे डिमेट अकाउंट और शेयर ट्रेडिंग में निवेश कर भारी लाभ कमाने का झांसा दिया। भरोसा दिलाने के लिए आरोपियों ने फर्जी कंपनी गणेशम सिक्योरिटी के नाम पर नकली वेबसाइट और एप तैयार की और गोल्ड निवेश पर फर्जी लाभांश दिखाते रहे।
शिकायत के अनुसार, अलग-अलग बैंक खातों में महिला से कुल ₹59,87,994/- (उनसठ लाख सत्तासी हजार नौ सौ चौरानवे रुपए) जमा कराए गए। बाद में जब रकम वापसी की बारी आई तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी।
गिरफ्तार आरोपी
तीन दिन तक लगातार निगरानी रखने के बाद पुलिस ने महू (जिला इंदौर) से आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान इस प्रकार है–
- ललित कुमार पिता सुरेंद्र सिंह, उम्र 32 वर्ष – एनआईआईटी दिल्ली से पढ़ा सॉफ्टवेयर इंजीनियर, ऑनलाइन शॉपिंग साइट में मैनेजर रह चुका।
- कमलजीत सिंह चौहान उर्फ बबलू, उम्र 38 वर्ष।
- अर्पित साल्वे, उम्र 30 वर्ष।
- रोहित निषाद, उम्र 25 वर्ष।
बरामद सामग्री
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से निम्नलिखित सामान जब्त किया है–
- 04 मोबाइल फोन
- 07 एटीएम कार्ड
- 01 यूपीआई कार्ड
- 02 पैन कार्ड
- 01 चेकबुक
- 02 पासबुक
गिरोह की कार्यप्रणाली
गिरफ्तार आरोपी ललित कुमार तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल कर फर्जी वेबसाइट और एप बनाता था। गिरोह निवेशकों को गोल्ड और शेयर बाजार में बड़ा मुनाफा दिलाने का लालच देकर खाते में रकम जमा कराता था। ठगी की राशि निकालने के लिए ये लोग महू क्षेत्र के अन्य परिचितों से कमीशन पर बैंक खाते लेते और इस्तेमाल के बाद एटीएम व सिम कार्ड नष्ट कर देते थे।
पुलिस टीम का योगदान
इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर राजेन्द्र जायसवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अनुज कुमार, सीएसपी सिविल लाइन निमितेश सिंह के मार्गदर्शन में निरीक्षक राजेश मिश्रा (प्रभारी रेंज साइबर थाना), निरीक्षक रविशंकर तिवारी, सउनि सुरेश पाठक, प्रधान आरक्षक सैयद साजिद, विनोद सिंह ठाकुर, आरक्षक विजेंद्र सिंह, चिरंजीव की विशेष भूमिका रही।
गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर बिलासपुर लाया गया और उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।