बिलासपुर। शहर में अवैध हथियारों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। एएसपी शहर राजेंद्र जायसवाल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि आर्म्स एक्ट के तहत अवैध हथियार रखने और उनके इस्तेमाल पर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। वर्ष 2025 में अब तक जिले में 51 चाकूबाजी की घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें सभी मामलों में गैर-जमानतीय धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की गई है और आरोपियों को जेल भेजा गया है।
आर्म्स एक्ट का मुख्य उद्देश्य अवैध हथियारों के उपयोग और व्यापार पर रोक लगाना तथा समाज में सुरक्षा और शांति बनाए रखना है। इस एक्ट की परिभाषा में तलवार, बटनदार चाकू और ऐसे धारदार हथियार आते हैं जिनकी लंबाई 6 इंच और चौड़ाई 2 इंच से अधिक होती है। ऐसे मामलों में पुलिस सीधे आर्म्स एक्ट और बीएनएस की सुसंगत धाराओं के तहत अपराध दर्ज करती है।
हालांकि यदि चोट घरेलू चाकू, नुकीली वस्तु, पेचकस, कुल्हाड़ी या ऐसे हथियारों से पहुंचाई जाती है जो आर्म्स एक्ट के दायरे में नहीं आते, तो उस स्थिति में बीएनएस की धाराओं के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जाती है।
बिलासपुर जिले में कार्रवाई का आंकड़ा
वर्ष 2025 में अब तक पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत कुल 235 मामले दर्ज किए हैं। इन मामलों में पुलिस ने—
- 166 नग बटनदार चाकू
- 32 नग तलवार
- 48 अन्य धारदार हथियार
- 04 नग कट्टा/रिवॉल्वर/पिस्टल
बरामद किए हैं। इन मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस का संदेश
एएसपी जायसवाल ने बताया कि अवैध हथियारों का प्रयोग समाज में भय और असुरक्षा का वातावरण पैदा करता है। इसलिए पुलिस लगातार ऐसे तत्वों पर निगरानी रखे हुए है और आगे भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं भी अवैध हथियारों का उपयोग या व्यापार होता दिखाई दे तो तत्काल पुलिस को इसकी जानकारी दें।