बिलासपुर। लोफंदी शराबकांड में नया मोड़ सामने आया है। 8 फरवरी 2025 को जहरीली कच्ची शराब पीने से हुई ग्रामीणों की मौत के मामले में एफएसएल रिपोर्ट आ चुकी है। रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई है कि चार मृतकों की मौत जहरीली शराब पीने से हुई थी। पुलिस ने इस आधार पर मृत कोचिए कोमल लहरे की पत्नी पांचो बाई लहरे के खिलाफ गैर इरादतन हत्या (धारा 105, बीएनएस) का प्रकरण दर्ज किया है। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने अब तक आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है।
8 फरवरी की रात लोफंदी गांव में कच्ची शराब पीने के बाद ग्रामीणों की तबीयत बिगड़नी शुरू हो गई थी। आनन-फानन में लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान एक-एक कर 9 लोगों की मौत हो गई।
घटना के बाद प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। मृतकों के परिजनों ने आरोप लगाया था कि गांव में अवैध रूप से बनाई गई जहरीली शराब पीने के कारण यह हादसा हुआ।
पुलिस ने मृतकों के शव का पोस्टमार्टम कराकर बिसरा संरक्षित कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा था। सूत्रों के अनुसार अब आई एफएसएल रिपोर्ट में साफ हुआ है कि 4 लोगों की मौत जहरीली शराब से हुई थी। इसी आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मृत कोचिए की पत्नी पांचो बाई लहरे के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
इन लोगों की हुई थी मौत
- रामू सुनहले (55) पिता बबईस सुनहले
- शत्रुहन देवांगन (40) पिता महेत्तर देवांगन
- बलदेव पटेल (52) पिता छेदीलाल पटेल
- कोमल प्रसाद लहरे (56) पिता गया राम लहरे
- कन्हैया पटेल (60) पिता चैतराम पटेल
- कुन्नू देवांगन (35) पिता बाबा देवांगन
- देव कुमार पटेल (45) पिता चैतराम पटेल
- बुधराम पटेल (50) पिता इतवारी पटेल
- बबईस सुनहले (59) पिता अज्ञात
अवैध शराब बनाने वाला भी मारा गया
इस कांड का एक और चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि जिसने जहरीली शराब बनाई थी, उसकी भी मौत हो गई।
हादसे के बाद कांग्रेस नेताओं ने इस मुद्दे को लेकर बड़ा हंगामा किया और आंदोलन की चेतावनी दी थी। बढ़ते विवाद के बीच प्रशासन ने विज्ञप्ति जारी कर मौत का कारण फूड प्वाइजनिंग बताया था और मामले को दबाने की कोशिश की गई थी। लेकिन अब एफएसएल रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि मौत जहरीली शराब से ही हुई थी।
फिलहाल पुलिस ने पूरे मामले को सेंसिटिव मानते हुए गोपनीयता बरती है। अधिकारियों की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन रिपोर्ट ने लोफंदी शराबकांड की हकीकत उजागर कर दी है।