Monday, February 2, 2026
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नाबालिक बालिका को वेश्यावृत्ति में धकेलने वाला गिरोह पकड़ा गया, महिला और उसके साथी सहित चार गिरफ्तार…

बिलासपुर। सरकण्डा पुलिस ने नाबालिक बालिका को बहला-फुसलाकर वेश्यावृत्ति के दलदल में धकेलने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में एक महिला, उसके साथी और विधि से संघर्षरत दो नाबालिक बालिकाओं को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी विक्की भोजवानी के खिलाफ पहले भी कार्रवाई हो चुकी है।

दिनांक 08 अगस्त 2025 को सरकण्डा थाना पहुंची एक महिला ने पुलिस को बताया कि उसकी नाबालिक बेटी, जो कक्षा 9वीं तक पढ़ने के बाद घर पर ही रहती थी, घरेलू विवाद से नाराज होकर घर से बिना बताए कहीं चली गई है। आसपास और रिश्तेदारों के यहां तलाश करने पर भी बच्ची का पता नहीं चला। आशंका थी कि कहीं उसका अपहरण कर लिया गया है। इस आधार पर पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की।

पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए बच्ची को दस्तयाब कर लिया। पूछताछ में पीड़िता ने जो बताया, उससे पुलिस के भी होश उड़ गए।

नाबालिक ने बताया कि घर छोड़ने के बाद वह अपनी सहेली के पास गई थी। सहेली और उसके परिजनों ने पहले तो उसे अपने पास रखा, फिर रायगढ़ ले जाकर एक कमरे में बंद कर दिया। वहां जबरन शराब पिलाई जाती थी और अलग-अलग पुरुषों के पास भेजा जाता था। विरोध करने पर उसे धमकाया जाता और मारपीट भी की जाती थी।

बालिका ने यह भी बताया कि इस गंदे धंधे के पीछे उसकी सहेली, उसकी मां कालिका तिवारी और विकास उर्फ विक्की भोजवानी का हाथ है। यह लोग मिलकर लड़कियों को फंसाकर वेश्यावृत्ति कराते थे।

पीड़िता के बयान के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को हिरासत में लिया।

गिरफ्तार आरोपी –

  1. कालिका तिवारी पति संतोष तिवारी, उम्र 32 वर्ष, निवासी श्यामनगर लिंगियाडीह, थाना सरकण्डा, जिला बिलासपुर।
  2. विकास उर्फ विक्की भोजवानी पिता स्व. चंद्रप्रकाश भोजवानी, उम्र 40 वर्ष, निवासी मसानगंज, थाना सिविल लाइन, जिला बिलासपुर।
  3. विधि से संघर्षरत दो नाबालिक बालिकाएं।

मुख्य आरोपी विक्की भोजवानी के विरुद्ध पूर्व में भी पिटा एक्ट के तहत कार्रवाई हो चुकी है। इस बार पुलिस ने और सख्ती बरतते हुए उसे सीधे न्यायालय में पेश किया।

थाना सरकण्डा में अपराध क्रमांक 1072/2025 दर्ज किया गया है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 98, 64(m), 3(5) के तहत अपराध कायम किया गया है। इन धाराओं में नाबालिक को बहकाकर गलत काम में धकेलने, मानव तस्करी और जबरन शोषण जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं।

इस मामले ने एक बार फिर दिखा दिया कि समाज में ऐसे गिरोह सक्रिय हैं जो मासूम लड़कियों को गुमराह कर उन्हें दलदल में धकेल देते हैं। पुलिस ने स्पष्ट कहा है कि नाबालिकों के शोषण से जुड़े अपराधों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

पुलिस अधिकारियों ने अपील की है कि माता-पिता अपने बच्चों पर नजर रखें, उनकी छोटी-छोटी नाराजगी को गंभीरता से लें और घर के माहौल को सकारात्मक बनाए रखें। ताकि बच्चे गलत संगति और अपराधियों के जाल में न फंसें।

बिलासपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से एक नाबालिक बालिका को वेश्यावृत्ति की अंधेरी दुनिया से बचाया जा सका। लेकिन यह घटना समाज के लिए चेतावनी है कि अपराधी किस तरह भोले-भाले बच्चों को निशाना बना रहे हैं। जरूरत है सतर्कता और सजगता की, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हो सकें।

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