बिलासपुर। तोरवा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले महमंद गांव में बीते दो दिनों से एक पागल सांड का आतंक फैला हुआ है। गांव में दहशत का माहौल इस कदर है कि लोग घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं। खेतों और गलियों में सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, इस सांड ने सोमवार को एक ही दिन में पाँच लोगों पर हमला किया, जिनमें से एक घायल ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया।
महमंद और आसपास के इलाकों में सुबह से ही लोगों में भय का माहौल है। जो लोग रोज़ाना खेतों या काम पर जाते थे, वे अब घरों में ही कैद हैं। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है। अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है।
हमले में घायल अन्य चार ग्रामीणों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों ने बताया कि दो घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि सांड अचानक कहीं से दौड़कर आता है और सींगों से हमला कर भाग जाता है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस सांड के आतंक की शिकायत कई बार पशु चिकित्सा विभाग और स्थानीय प्रशासन को दी जा चुकी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब एक व्यक्ति की मौत के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सड़क पर उतरकर विरोध करेंगे।
गांव के मुख्य मार्गों और खेतों में अब सन्नाटा छाया हुआ है। लोग समूह में ही बाहर निकल रहे हैं, वहीं पशुपालकों ने अपने मवेशियों को भी बाहर चराने नहीं छोड़ा है। सांड के डर से ग्रामीणों की रोजमर्रा की ज़िंदगी पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
प्रशासन ने टीम भेजने का किया दावा
दूसरी ओर, तोरवा थाना पुलिस और नगर निगम प्रशासन का कहना है कि सूचना मिलते ही टीम को मौके पर भेजा गया है। पशु चिकित्सकों की मदद से सांड को पकड़ने की कोशिश की जा रही है। हालांकि अब तक सफलता नहीं मिली है।
ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द इस पागल सांड को पकड़कर गांव में शांति बहाल करे, ताकि लोग सामान्य जीवन में लौट सकें।


