बिलासपुर। अंबिकापुर जेल से कुछ दिन पहले फरार हुआ आजीवन कारावास की सजा काट रहा कैदी मुकेश कांत का मामला अब एक नया मोड़ ले चुका है। फरारी के बाद जहां पुलिस और जेल प्रशासन उसकी तलाश में जुटे थे, वहीं उसकी पत्नी ने अप्रत्याशित कदम उठाते हुए बिलासपुर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर पति का आत्मसमर्पण कराया। इस दौरान उसने अधिकारियों को एक लिखित ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें उसने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
पत्नी ने बताया कि अंबिकापुर जेल में उसके पति से जेलकर्मी जबरन पैसों की उगाही करते हैं। जब पैसे नहीं दिए जाते, तो जेलकर्मी मुकेश कांत के साथ मारपीट और अमानवीय व्यवहार करते हैं। महिला ने अपनी शिकायत में यह भी कहा कि उसके पति को अब दोबारा अंबिकापुर जेल न भेजा जाए, क्योंकि वहां उसकी जान को खतरा है।

इसी बीच, आत्मसमर्पण के बाद मंगलवार को घटनाक्रम ने फिर से ड्रामाई मोड़ ले लिया। जानकारी के अनुसार, मुकेश कांत ने कथित रूप से किसी जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। उसकी हालत बिगड़ने पर उसे तत्काल सिम्स अस्पताल बिलासपुर में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उसका इलाज कर रही है। उसकी स्थिति फिलहाल गंभीर बताई जा रही है।
पुलिस और जेल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है। हालांकि, अब सवाल यह उठ रहा है कि अगर आरोपी आत्मसमर्पण कर चुका था, तो उसने जहरीला पदार्थ क्यों खाया? क्या जेल में हुए कथित उत्पीड़न का यह असर है या इसके पीछे कोई और वजह?
जेल विभाग के अधिकारियों ने फिलहाल इस पर कमेंट करने से इंकार किया है, लेकिन मामले ने जेल तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


