रायपुर। प्रदेश में पटवारी से राजस्व निरीक्षक (RI) बनने की परीक्षा में हुई कथित धांधली की शिकायत ने बड़ा मोड़ ले लिया है। आर्थिक अपराध अन्वेषण (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की संयुक्त टीमों ने बुधवार तड़के राज्यभर में एक साथ व्यापक छापेमारी की कार्रवाई शुरू की। इस संयुक्त ऑपरेशन ने पूरे प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मचा दिया है।
सूत्रों के अनुसार, रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, अंबिकापुर, जगदलपुर, गरियाबंद और महासमुंद सहित करीब 20 ठिकानों पर एक साथ छापे मारे जा रहे हैं। जिन अधिकारियों के घरों, कार्यालयों या संदिग्ध ठिकानों पर कार्रवाई हो रही है, वे वे लोग बताए जा रहे हैं जिन्हें परीक्षा में कथित अनियमितताओं का प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ मिला था या जिन पर भ्रष्टाचार, अनुचित लाभ पहुंचाने और प्रक्रिया में हेरफेर के गंभीर आरोप लगे हैं।
कार्रवाई के दौरान EOW-ACB टीमों ने कई स्थानों से महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल और लैपटॉप डेटा, तथा अन्य संदिग्ध सामग्री जब्त की है। जांच अधिकारी हर एंगल से परीक्षा प्रक्रिया, मूल्यांकन, चयन और प्रमोशन की संदेहास्पद गतिविधियों की पड़ताल कर रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि इस कार्रवाई का दायरा और बढ़ सकता है, क्योंकि प्रारंभिक साक्ष्यों से धांधली का नेटवर्क ज्यादा व्यापक होने की आशंका जताई जा रही है।
करीब एक दशक से प्रदेश में पटवारी से RI प्रमोशन परीक्षा को लेकर विवाद और आरोप लगते रहे हैं, मगर इस बार मिली शिकायतों में प्रमाण और डिजिटल सबूत अधिक ताकतवर होने की बात सामने आई है। इसी के चलते विभाग ने बड़े पैमाने पर समन्वित छापेमारी का निर्णय लिया।
EOW-ACB अधिकारियों का कहना है कि जब्त सामग्री का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा। यदि आरोप पुख्ता पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई, निलंबन, आपराधिक प्रकरण और परीक्षा प्रक्रिया की पुनर्समीक्षा तक के विकल्प खुले हैं।
छापेमारी की खबर फैलते ही राज्यभर के प्रशासनिक और राजस्व अमले में अफरा-तफरी का माहौल है। कई अधिकारी अपनी पिछली तैनाती, परीक्षा से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल एंट्रीज़ को लेकर चिंतित देखे जा रहे हैं।
फिलहाल EOW-ACB की यह कार्रवाई जारी है, और दिनभर नए खुलासे होने की संभावना है।


