बिलासपुर। दीक्षांत समारोह जैसे गरिमामय कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि की उपेक्षा को लेकर राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कांग्रेस जिला कमेटी के पूर्व शहर अध्यक्ष विजय केशवानी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी कर भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला के कथित अपमान की कड़ी निंदा की है।
विजय केशवानी ने लिखा कि बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में स्थित अटल बिहारी बाजपेई विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में स्थानीय विधायक को न तो उचित बैठने की व्यवस्था दी गई और न ही कुलपति के स्वागत भाषण में उनका नाम शामिल किया गया, जो बेहद दुर्भाग्यजनक है। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े कार्यक्रम में क्षेत्र के निर्वाचित जनप्रतिनिधि की उपस्थिति सम्मान और परंपरा का हिस्सा होती है, ऐसे में इस तरह की उपेक्षा समझ से परे है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन की यह जिम्मेदारी थी कि सत्ताधारी दल के स्थानीय विधायक को पूरा मान-सम्मान दिया जाए, लेकिन ऐसा न होना अफ़सरशाही के बेलगाम होने का संकेत देता है। केशवानी ने कहा—
“जब स्थानीय जनप्रतिनिधि की ही उपेक्षा की जा रही है, तो यह समझना कठिन नहीं कि छात्रहित में किस तरह के निर्णय लिए जाते होंगे।”
गौरतलब है कि विजय केशरवानी पूर्व में बेलतरा विधानसभा सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी रह चुके हैं, जहां से भाजपा के सुशांत शुक्ला विजयी होकर विधायक बने हैं। इस घटना को लेकर राजनीतिक चर्चाओं का बाज़ार भी गर्म है और लोग सोशल मीडिया पर विश्वविद्यालय प्रशासन के रवैये की आलोचना कर रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर भी यह मुद्दा चर्चा में है कि क्या विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया या यह केवल व्यवस्थागत चूक थी। हालांकि, इस मामले पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है।
जनप्रतिनिधि के सम्मान का सवाल उठने के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या विश्वविद्यालय प्रशासन इस मामले पर सफाई देता है या राज्य सरकार इस प्रकरण पर कोई कार्रवाई करती है। फिलहाल, यह घटना राजनीतिक गर्माहट के साथ-साथ प्रशासनिक जवाबदेही पर भी सवाल खड़े कर रही है।


