बिलासपुर।
जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष विजय केशरवानी की पहल आखिरकार रंग लाई है। ग्रामीणों पर ई-चालान के जरिए हो रही भारी भरकम वसूली को लेकर उठे विरोध के बाद क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) ने मोपका–सेंदरी बाईपास सड़क पर लगाए गए कैमरे को बंद कर दिया है। यह निर्णय परिवहन आयुक्त के निर्देश पर लिया गया है।
विजय केशरवानी ने कुछ दिन पहले आरटीओ को पत्र लिखकर मांग की थी कि जब तक मोपका–सेंदरी बाईपास सड़क का निर्माण पूर्ण नहीं हो जाता, तब तक यहां लगाए गए कैमरों को बंद रखा जाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि कैमरे बंद नहीं किए गए तो वे ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन करेंगे।
मोपका–सेंदरी बाईपास पर लगाए गए कैमरे के माध्यम से ग्रामीण अंचल से शहर आने-जाने वाले दोपहिया एवं चारपहिया वाहन चालकों के लगातार ई-चालान काटे जा रहे थे। कैमरे में कैद तस्वीरों के आधार पर हजारों रुपये के चालान न केवल ऑनलाइन भेजे जा रहे थे, बल्कि पोस्ट के जरिए भी चालान की प्रतियां ग्रामीणों तक पहुंचाई जा रही थीं। इससे क्षेत्र के ग्रामीणों और युवाओं में भारी रोष व्याप्त था।
ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए विजय केशरवानी ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया और आरटीओ से कैमरे हटाने की मांग की।
विजय केशरवानी के पत्र और आंदोलन की चेतावनी के बाद आरटीओ कार्यालय ने परिवहन आयुक्त से मार्गदर्शन मांगा। परिवहन आयुक्त ने मामले को संज्ञान में लेते हुए मोपका–सेंदरी बाईपास में लगे कैमरे को बंद करने के निर्देश दिए। इसके बाद आरटीओ ने कैमरा बंद कर दिया और इस संबंध में विजय केशरवानी को लिखित सूचना भी दी।
विजय केशरवानी का कहना है कि ग्रामीण अक्सर अपनी सुविधा और जरूरत के अनुसार शहर आते-जाते हैं। कई बार जान-पहचान या मजबूरी के चलते वे एक-दूसरे को बाइक पर बैठा लेते हैं। यह पूरी तरह मानवीय मदद होती है, लेकिन इसी आधार पर ई-चालान काटकर ग्रामीणों की जेब पर डाका डालना अनुचित है।
उन्होंने कहा कि ई-चालान के नाम पर ग्रामीणों से इस तरह की वसूली न्यायसंगत नहीं है और इसका विरोध जरूरी था।
विजय केशरवानी की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने आरटीओ से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि जब तक मोपका–सेंदरी बाईपास सड़क का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक कैमरे बंद ही रखे जाएं। साथ ही जिन ग्रामीणों को भारी भरकम ई-चालान भेजे गए हैं, उनकी पेनाल्टी माफ की जाए।
विजय ने स्पष्ट किया कि यदि इसके लिए राज्य सरकार से भी मांग करनी पड़े, तो कांग्रेस यह लड़ाई वहां तक भी ले जाएगी।
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि कई लोगों को उन गाड़ियों का भी चालान भेज दिया गया, जो उनके घरों में खड़ी थीं। विजय केशरवानी ने इसे ग्रामीणों के साथ मानसिक प्रताड़ना बताया।
उन्होंने कहा कि चालान भरने के डर से ग्रामीणों को कार्यालयों के चक्कर काटने पड़े। घर में खड़ी गाड़ी का चालान काटना पूरी तरह अराजकता है और इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
विजय केशरवानी ने बेलतरा विधानसभा क्षेत्र की सड़कों की बदहाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की अधिकांश सड़कें खस्ताहाल हैं, जिन पर चलना जोखिम भरा है। मोपका–सेंदरी बाईपास की स्थिति और भी खराब है।
उन्होंने आरोप लगाया कि खराब सड़कों से परेशान ग्रामीणों को आरटीओ ई-चालान के नाम पर और परेशान कर रहा था, जिसे कांग्रेस किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगी। कांग्रेस आम जनता के साथ खड़ी है और जरूरत पड़ी तो सड़कों के मुद्दे पर भी सड़क पर उतरकर संघर्ष किया जाएगा।
आरटीओ द्वारा विजय केशरवानी को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि मोपका–सेंदरी बाईपास में स्थापित कैमरे से ग्रामीण अंचल के लोगों को ई-चालान एवं भारी पेनाल्टी लगाए जाने को लेकर शिकायत प्राप्त हुई थी। इस शिकायत को 9 दिसंबर 2025 को परिवहन आयुक्त को अवगत कराया गया, जिनके निर्देश पर कैमरे को बंद कर दिया गया है और प्राप्त शिकायतों पर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में बेलतरा विधानसभा के कांग्रेस प्रत्याशी एवं पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी, बेलतरा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष धनज्य सिंह ठाकुर, कार्यकारी ब्लॉक अध्यक्ष अनिल यादव, पार्षद सुनील सोनकर, मोहन श्रीवास, पूर्व पार्षद मनीष गढ़ेवाल, राम प्रकाश साहू सहित अन्य कांग्रेसजन उपस्थित थे।


