बिलासपुर। नगर निगम में वित्तीय अनुशासन को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने जोन क्रमांक-2 में पदस्थ राजस्व निरीक्षक (आरआई) रामनारायण देवांगन को निलंबित कर दिया है। आरोप है कि आरआई द्वारा राजस्व कर की वसूली कर उसे निकाय कोष में जमा नहीं किया गया, जिससे गंभीर आर्थिक अनियमितता सामने आई है। निगम आयुक्त ने संबंधित राशि की वसूली के निर्देश भी दिए हैं, और राशि जमा नहीं होने की स्थिति में एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी गई है।
नगर निगम सूत्रों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2024-25 के बीच जोन क्रमांक-2 में संपत्तिकर, समेकित कर एवं यूजर चार्ज की वसूली गई 14,18,207 रुपये की राशि निकाय कोष में जमा नहीं की गई। यह मामला इंटरनल ऑडिट के दौरान उजागर हुआ, जो कि नगर निगम की आंतरिक लेखा जांच में एक बड़ी गड़बड़ी को दर्शाता है।
ऑडिट रिपोर्ट निगम आयुक्त को सौंपे जाने के बाद, आयुक्त के निर्देश पर संयुक्त संचालक (वित्त) के नेतृत्व में जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होने के पश्चात निगम कमिश्नर ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 09(1)(ख) के तहत तत्काल प्रभाव से आरआई रामनारायण देवांगन को निलंबित करने का आदेश जारी किया।
निलंबन अवधि के दौरान आरआई का मुख्यालय राजस्व विभाग (विकास भवन) निर्धारित किया गया है। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संबंधित राशि की वसूली अनिवार्य है, और यदि तय समय में राशि जमा नहीं की जाती है तो एफआईआर दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि फिलहाल वर्ष 2023-24 का ऑडिट भी जारी है, जिसमें अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है। निगम प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि वित्तीय अनियमितताओं पर आगे भी कठोर कदम उठाए जाएंगे। इस कार्रवाई से निगम में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का संदेश दिया गया है।


