बिलासपुर, 28 जनवरी।
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के दीपका में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सीएसपीडीसीएल (छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड) के एक सहायक अभियंता को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी सहायक अभियंता खेत में ट्रांसफार्मर लगाने के नाम पर किसान से 50 हजार रुपए की रिश्वत ले रहा था।
एसीबी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम रलिया, जिला कोरबा निवासी श्यामता टंडन ने एसीबी बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि ग्राम दर्री, जिला कोरबा में उसके मित्र के पिता के नाम पर कृषि भूमि है, जहां सिंचाई के लिए ट्रांसफार्मर लगवाना था। इसके लिए आवेदन देने के बाद सीएसपीडीसीएल दीपका में पदस्थ सहायक अभियंता सत्येंद्र दिवाकर ने मौके का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान सहायक अभियंता ने ट्रांसफार्मर लगाने के लिए वैधानिक शुल्क (चालान) जमा कराने के अलावा “नाश्ता-पानी” के नाम पर 80 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की। दबाव में आकर शिकायतकर्ता से पहले ही 30 हजार रुपए ले लिए गए थे, जबकि शेष 50 हजार रुपए की मांग लगातार की जा रही थी। शेष राशि देने के बजाय शिकायतकर्ता ने मामले की शिकायत एसीबी से करने का निर्णय लिया।
डीएसपी एसीबी बिलासपुर अजितेश सिंह ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद पूरे मामले का सत्यापन कराया गया, जिसमें शिकायत सही पाई गई। इसके बाद एसीबी टीम ने ट्रैप की योजना तैयार की। 28 जनवरी को शिकायतकर्ता को निर्धारित राशि 50 हजार रुपए के साथ दीपका स्थित सीएसपीडीसीएल कार्यालय भेजा गया।
जैसे ही आरोपी सहायक अभियंता सत्येंद्र दिवाकर ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम स्वीकार की, एसीबी टीम ने मौके पर घेराबंदी कर उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी के कब्जे से रिश्वत की पूरी रकम 50 हजार रुपए बरामद कर ली गई।
एसीबी द्वारा आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और बिजली विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
एसीबी अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी शासकीय कार्य के लिए यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो बिना डर के इसकी सूचना एसीबी को दें, ताकि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।


