बिलासपुर।
न्याय की देवी की आंखों पर पट्टी निष्पक्षता का प्रतीक मानी जाती है, लेकिन जब कानून के रखवाले ही ‘अनदेखी’ की पट्टी बांध लें, तो समाज का भरोसा डगमगाने लगता है। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के ग्राम चोरभट्टी खुर्द से सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि पूरे गांव को भय और आक्रोश के साए में ला खड़ा किया है।
सकरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत 10 दिसंबर 2025 को ग्राम के लोकप्रिय पूर्व सरपंच मनबोध यादव की निर्मम हत्या कर दी गई। ग्रामीणों और परिजनों का आरोप है कि यह कोई आकस्मिक घटना नहीं, बल्कि जमीन विवाद को लेकर रची गई सोची-समझी साजिश थी।
आरोप है कि गांव के ही गौतमचंद साहू, गुलाबचंद साहू और अजय ध्रुव मनबोध यादव की निजी भूमि पर जबरन रास्ता बनाने का दबाव बना रहे थे। इस दौरान मृतक को जान से मारने की धमकियां भी दी गई थीं। मनबोध यादव ने इसकी जानकारी पहले ही थाना और ग्राम सभा की बैठकों में दी थी, लेकिन समय रहते कार्रवाई न होने से आरोपियों के हौसले बढ़ते चले गए।
घटना के दिन अजय ध्रुव, जो पहले भी हत्या के मामले में आरोपी रह चुका है और हाल ही में जमानत पर रिहा हुआ था, बहाने से मनबोध यादव को उनके घर से गनियारी ले गया। वहां पहले से घात लगाए बैठे उसके साथियों ने मिलकर बेहद बेरहमी से उनकी हत्या कर दी।
मनबोध यादव अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। वे अपनी दो बेटियों के विवाह की तैयारी में जुटे थे और घटना के समय शादी के लिए धान की बोरियों की सिलाई कर रहे थे। जिस घर में शहनाइयों की गूंज होनी थी, वहां अब मातम और सिसकियों का सन्नाटा पसरा है।
पुलिस की भूमिका पर गंभीर आरोप
ग्रामीणों द्वारा पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए पत्रों में पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं—
- मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी नहीं: ग्रामीणों का आरोप है कि साजिश रचने वाला हरीशचंद्र साहू अब भी खुलेआम घूम रहा है और मृतक के परिजनों को धमका रहा है।
- गवाहों को डराया जा रहा: आरोप है कि अपराधी गवाही देने पर परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
- जांच में देरी: अब तक न तो सभी गवाहों के बयान दर्ज हुए हैं और न ही चालान कोर्ट में पेश किया गया है।
वर्तमान सरपंच सहित समस्त ग्रामवासियों ने एकजुट होकर प्रशासन से मांग की है कि—
- सभी फरार आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
- मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर जल्द से जल्द चालान पेश किया जाए।
- दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा (आजीवन कारावास) दी जाए, ताकि भविष्य में कोई ऐसी वारदात करने की हिम्मत न कर सके।
एसएसपी ने दिए कार्रवाई के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी राजनेश सिंह ने सकरी थाना प्रभारी को मृतक के रिश्तेदारों के बयान तत्काल दर्ज करने और जिन आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है, उन्हें शीघ्र गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन के ये निर्देश सिर्फ कागजों तक सीमित रहते हैं या फिर मनबोध यादव के परिवार और चोरभट्टी खुर्द गांव को सचमुच इंसाफ मिल पाता है।


