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डिजिटल अरेस्ट का खौफ दिखाकर 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला से 1.04 करोड़ की ठगी, बिलासपुर साइबर पुलिस ने दो और आरोपियों को दबोचा; अब तक 8 गिरफ्तार…

बिलासपुर, 11 जुलाई 2026। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को डराकर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के खिलाफ बिलासपुर रेंज साइबर थाना की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही अब तक इस गिरोह के कुल आठ आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।

यह मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र के शांतिनगर, मंगला चौक निवासी 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला से जुड़ा है। 20 अप्रैल 2026 को महिला के मोबाइल पर अज्ञात साइबर अपराधियों ने व्हाट्सएप मैसेज और वीडियो कॉल कर खुद को केंद्रीय जांच एजेंसी का अधिकारी बताया। आरोपियों ने महिला को यह कहकर भयभीत किया कि उनका नाम एक आतंकी संगठन से जुड़ा है और वे आतंकियों को धन उपलब्ध कराने में सहयोग कर रही हैं। साथ ही उन्हें गिरफ्तारी और जेल भेजने की धमकी दी गई।

अपराधियों ने महिला को करीब 2 घंटे 16 मिनट तक तथाकथित “डिजिटल अरेस्ट” में रखकर लगातार मानसिक दबाव बनाया। इस दौरान महिला से अलग-अलग बैंक खातों में ₹1 करोड़ 4 लाख 80 हजार की राशि ट्रांसफर करा ली गई।

घटना की गंभीरता को देखते हुए रेंज साइबर थाना बिलासपुर ने बैंक खातों की ट्रांजैक्शन ट्रेल, डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर जांच शुरू की। पहले छह आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद विवेचना में मिले नए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने महाराष्ट्र के नागपुर से दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राहुल प्रकाश कामडी (38 वर्ष) निवासी ताजेश्वर नगर, हुडकेश्वर नाका, नागपुर तथा गौरव रमाकांत मिश्रा (27 वर्ष) निवासी वसंत नगर, अंजनी, नागपुर के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि कोई भी सरकारी एजेंसी, पुलिस, सीबीआई, ईडी, एनसीबी या न्यायालय फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से किसी व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” नहीं करती। यदि कोई व्यक्ति खुद को सरकारी अधिकारी बताकर गिरफ्तारी, मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद या किसी अन्य अपराध का डर दिखाकर पैसे ट्रांसफर करने के लिए दबाव बनाता है, तो यह साइबर ठगी है। ऐसे मामलों में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें, साइबर क्राइम पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज कराएं या नजदीकी पुलिस एवं साइबर थाने से संपर्क करें।

पूरी कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह और नोडल अधिकारी आईपीएस गगन कुमार के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में रेंज साइबर थाना बिलासपुर के निरीक्षक कामिल हक, प्रभारी प्रसाद सिन्हा तथा थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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