बिलासपुर। NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता के सवाल और छात्रों के आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (AIDSO) की बिलासपुर जिला कमेटी ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपते हुए राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) को भंग करने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तथा आंदोलनरत छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
AIDSO का आरोप है कि देशभर के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े NEET परीक्षा में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं ने परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। संगठन का कहना है कि परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ छात्र लंबे समय से लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर विचार करने के बजाय सरकार ने पुलिस बल का सहारा लिया।
ज्ञापन में कहा गया है कि 20 जुलाई को दिल्ली में संसद मार्च के दौरान आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। संगठन का दावा है कि इस कार्रवाई में कई छात्र-छात्राएं, महिलाएं और बुजुर्ग भी घायल हुए। AIDSO ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।
संगठन ने आरोप लगाया कि सरकार परीक्षा प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों को दूर करने में विफल रही है। छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के बजाय आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है। AIDSO का कहना है कि यदि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं की गई तो देशभर में छात्रों का आक्रोश और बढ़ेगा।
ज्ञापन के माध्यम से AIDSO ने केंद्र सरकार से मांग की है कि NTA को समाप्त कर नई और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू की जाए, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें तथा छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
संगठन ने स्पष्ट किया कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा और देशभर में इसे और व्यापक बनाया जाएगा। AIDSO का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।


