Homeबिलासपुरस्कूलों में रोज लगेगी सामान्य ज्ञान की पाठशाला, ‘हर स्कूल पढ़ेगा, हर...

स्कूलों में रोज लगेगी सामान्य ज्ञान की पाठशाला, ‘हर स्कूल पढ़ेगा, हर बच्चा आगे बढ़ेगा’ के संकल्प के साथ प्रतियोगी सोच विकसित करने की पहल…

बिलासपुर। स्कूल की सुबह अब सिर्फ प्रार्थना और उपस्थिति से शुरू नहीं होगी, बल्कि किसी नए सवाल, नई जानकारी और नई सीख के साथ होगी। विद्यार्थियों में सामान्य ज्ञान, समसामयिक घटनाओं की समझ, जिज्ञासा और प्रतियोगी सोच विकसित करने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘ज्ञान सभा—दैनिक सामान्य ज्ञान श्रृंखला’ अब बिल्हा विकासखंड की सीमा से निकलकर पूरे बिलासपुर जिले के स्कूलों तक पहुंच गई है। शिक्षक दिवस 5 सितंबर से जिलेभर के स्कूलों में इस पहल को लागू किया गया है।

खास बात यह है कि यह किसी अतिरिक्त बजट या महंगे संसाधनों पर आधारित योजना नहीं, बल्कि शिक्षकों की पहल से तैयार हुआ जीरो-बजट और निःशुल्क शिक्षा मॉडल है। बिल्हा में 1 जुलाई से 31 अगस्त तक इस श्रृंखला के 50 अंक प्रसारित किए जा चुके हैं। बिल्हा में हुए इस प्रयोग की सफलता और उपयोगिता को देखते हुए अब इसे जिले के चारों विकासखंडों में विस्तार दिया गया है।

‘ज्ञान सभा’ की शुरुआत बिल्हा में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले, राज्य सेवा में चयनित शिक्षकों और विषय विशेषज्ञों की पहल से हुई। बच्चों के स्तर को ध्यान में रखते हुए सरल, रोचक और गतिविधि आधारित सामग्री तैयार की गई, ताकि विद्यार्थी उसे आसानी से समझ सकें और अपनी रोजमर्रा की पढ़ाई से जोड़ सकें। इस पहल में प्रवीण दुबे, राम द्विवेदी, लक्ष्मी,  पोलेश्वर यादव, स्मृति, पीएससी से चयनित अतुल पटेल तथा सेवानिवृत्त वित्त अधिकारी सत्येंद्र शाह का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

अभियान का मूल मंत्र है—‘बच्चे पढ़ें नहीं, बच्चे सीखें।’ इसी सोच के साथ प्रतिदिन महज 5 से 10 मिनट की गतिविधियों के जरिए बच्चों को नई जानकारी से जोड़ने और उनके सीखने का सतत आकलन करने पर जोर दिया जा रहा है। उद्देश्य यह है कि सामान्य ज्ञान बच्चों के लिए रटने का विषय न बने, बल्कि उनके सोचने और समझने की क्षमता को विकसित करने का माध्यम बने।

विषय विशेषज्ञों द्वारा तैयार सामग्री व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से संकुल और विद्यालयों तक पहुंचाई जाती है। संस्था प्रमुख इसे सूचना पटल पर प्रदर्शित कराने के साथ प्रार्थना सभा में ‘आज की जानकारी’ और ‘आज का संदेश’ का वाचन कराएंगे। इसके बाद कक्षा शिक्षक विद्यार्थियों के साथ प्रश्नोत्तर और चर्चा करेंगे। उपलब्धता के अनुसार सामग्री का प्रिंट निकालकर लाइब्रेरी में भी सुरक्षित रखा जाएगा।

‘ज्ञान सभा’ में महापुरुषों के जीवन और योगदान, संस्कृति एवं तीज-त्योहार, खेल, विज्ञान, तकनीक, रक्षा, पर्यावरण तथा सामाजिक-आर्थिक विषयों के साथ बिलासपुर, छत्तीसगढ़, भारत और विश्व से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल की जाएंगी। इसके साथ ही करेंट अफेयर्स को भी विशेष स्थान दिया गया है, ताकि विद्यार्थी अपने आसपास और देश-दुनिया में हो रही घटनाओं से लगातार जुड़े रहें।

बिल्हा में इस अभियान को मजबूत बनाने में शिक्षा विभाग के अधिकारियों, बीआरसी, संकुल समन्वयकों और संस्था प्रमुखों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी दीप्ति गुप्ता, सुनीता ध्रुव एवं मुकेश अग्रवाल, बीआरसी देवी चंद्राकर एवं वासुदेव पांडे तथा संकुल समन्वयकों अजय साहू, केशव वर्मा, सुनील पांडे सहित सभी संकुल समन्वयकों और संस्था प्रमुखों ने अभियान को जमीन पर उतारने में अहम भूमिका निभाई।

विद्यार्थियों में सामान्य ज्ञान और समसामयिक विषयों की समझ विकसित करने में जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल की विशेष रुचि के चलते बिल्हा मॉडल को जिले के चारों विकासखंडों तक विस्तार दिया गया है। जिला स्तर पर सेवानिवृत्त प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी अजय कौशिक एवं वर्तमान प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी वर्षा दुबे के मार्गदर्शन में अभियान को विद्यालयों तक प्रभावी रूप से पहुंचाने की कार्यवाही की जा रही है। बिल्हा के बीईओ भूपेंद्र कौशिक को अभियान का जिला नोडल बनाया गया है, जबकि कोटा के गोपाल दुबे, मस्तूरी के शिवराम टंडन और तखतपुर के दीपक गुप्ता ने अपने-अपने विकासखंडों में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

अब ‘ज्ञान सभा’ केवल व्हाट्सएप ग्रुप और प्रार्थना सभा तक सीमित नहीं रहेगी। शाला निरीक्षण के दौरान इसकी नियमित गतिविधियों का भी अवलोकन किया जाएगा। संकुल प्राचार्य और समन्वयक यह सुनिश्चित करेंगे कि सामग्री विद्यार्थियों तक पहुंचे और उसका वास्तविक उपयोग कक्षा में हो। एसएमसी और पीटीएम बैठकों के माध्यम से पालकों को भी इस अभियान से जोड़ने की योजना है।

भविष्य में पंचायतों, नगरीय निकायों और विभिन्न विभागों के सहयोग से हैंडआउट, प्रिंटआउट और वॉल राइटिंग के जरिए इसे जनभागीदारी का अभियान बनाने की तैयारी है। बिल्हा जनपद उपाध्यक्ष विक्रम सिंह ने अपने गृह ग्राम सेलर में दीवारों को जन-जन के शिक्षण का माध्यम बनाकर समुदाय की सहायता से पहले ही इस दिशा में एक नया प्रतिमान स्थापित किया है।

‘ज्ञान सभा’ का लक्ष्य केवल बच्चों को सामान्य ज्ञान के प्रश्न याद कराना नहीं है। असली उद्देश्य उनके भीतर सवाल पूछने, तर्क करने, घटनाओं को समझने और आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने की क्षमता विकसित करना है। यही क्षमता आगे चलकर प्रतियोगी परीक्षाओं और जीवन की अन्य चुनौतियों में बच्चों की सबसे बड़ी ताकत बन सकती है।

बिल्हा में शिक्षकों की एक छोटी पहल से शुरू हुआ यह जीरो-बजट अभियान अब पूरे बिलासपुर जिले के स्कूलों तक पहुंच चुका है। यह प्रयोग इस बात का उदाहरण है कि शिक्षा में बड़ा बदलाव लाने के लिए हमेशा बड़े बजट की जरूरत नहीं होती। सही सोच, समर्पित शिक्षक और सामूहिक प्रयास मिल जाएं तो छोटे स्तर पर शुरू हुआ नवाचार भी पूरे जिले के लिए मॉडल बन सकता है।

अब लक्ष्य केवल इतना नहीं कि बच्चे ज्यादा सामान्य ज्ञान जानें। लक्ष्य है कि हर स्कूल में ज्ञान की चर्चा हो, हर बच्चे में सवाल करने की आदत विकसित हो और हर विद्यार्थी प्रतियोगिता की दुनिया में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े। ‘हर स्कूल पढ़ेगा, हर बच्चा आगे बढ़ेगा’ के संकल्प के साथ बिल्हा से निकली ‘ज्ञान सभा’ अब पूरे बिलासपुर की स्कूल शिक्षा में बदलाव की एक नई कहानी लिख रही है।

spot_img

advertisement

spot_img
RELATED ARTICLES

Recent posts